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शहीदी पखवाड़े के दौरान लंगर में मीठे पदार्थ और परिवार में मनाएं खुशी
साहिबजादों के शहीदी समागम को धर्म ही नहीं पारिवारिक दुख के रूप में मनाए संगत : मक्कड़
भास्करन्यूज | अमृतसर
शिरोमणिगुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी के चारों साहिब जादों की शहादत को समर्पित साका चमकौर साहिब तथा साका सरहिंद साहिब समागम मनाया जा रहा है।
20 दिसंबर से शुरू होकर 28 दिसंबर तक चलने वाले इन समागमों के दौरान कमेटी ने संगत से इसे धार्मिक ही नहीं, बल्कि पारिवारिक दुख के रूप में श्रद्धा भावना से मनाने की बात कही है। पूरे पखवाड़े परिवार में मनाएं खुशी : कमेटी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने सभी से अपील की है कि वह समागम के पूरे पखवाड़े परिवार में किसी भी तरह की खुशी मनाने से गुरेज करें। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की चमकौर जंग के दौरान बड़े साहिबजादे बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह समेत बहुत से सिखों ने देश और धर्म के लिए कुर्बानी दी थी।
इसी तरह से माता गुजर कौर जी के छोटे साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को दीवार मेंं चुनवा कर शहीद कर दिया गया था। इन शहीदियों को समूचा जगत दुख और श्रद्धा भावना के साथ मनाता है। उनका कहना है कि गुरु साहिब के लाडलों की इस कुर्बानी के मद्देनजर परिवार में पूरे पखवाड़े खुशी मनाई जाए। लंगर में बने मीठे पदार्थ : प्रधान मक्कड़ ने कहा कि साका चमकौर साहिब समागम 20,21 और 22 दिसंबर तथा साका सरहिंद साहिब 26, 27 और 28 दिसंबर को मनाया जा रहा है।
उन्होंने सभी गुरुद्वारों को ताकीद की है कि वह इस दरम्यान गुरु के लंगर में किसी भी तरह का मीठा पदार्थ तैयार करें, क्योंकि यह समागम साहिबजादों की उन कुर्बानियों को समर्पित हैं जिसकी मिसाल दुनिया में कहीं नहीं मिलती। उन्होंने कहा कम हम सभी का फर्ज बनता है कि साहिबजादों की कुर्बानियों की दास्तान अपने बच्चों को सुनाएं।