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पूर्व डीआरएमई सरकारी गाड़ी का करते थे निजी इस्तेमाल
भास्करन्यूज | अमृतसर
रिसर्चएंड मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट (आरएमई) के पूर्व डायरेक्टर डॉ. तेजबीर सिंह ने अपने सवा साल के कार्यकाल के दौरान सरकारी कार का इस्तेमाल निजी कामों के लिए किया। वह अमृतसर के निजी दौरों को सरकारी टूर दिखाते रहे।
उन्होंने पंजाब मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार के रूप में एक लाख रुपए पेट्रोल के भी अलग से लिए। यह सारी जानकारी मेडिकल रिसर्च एंड एजुकेशन डिपार्टमेंट से मिली जानकारी से सामने आई। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. प्यारे लाल गर्ग ने इसी आरटीआई को आधार बनाकर कार्रवाई की मांग राज्यपाल मुख्यमंत्री से भी की है। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व डीआरएमई डॉ. तेजबीर सिंह सेहत विभाग के डायरेक्टर डॉ. करणजीत सिंह के साथ सरकारी गेस्ट हाउस में रुकते थे, लेकिन उन्होंने अपना पता जीरकपुर बताया हुआ था। इस जानकारी के अनुसार डॉ. तेजबीर सप्ताह के अंत में अपनी प|ी काे मिलने अमृतसर आया करते थे और सोमवार दोबारा चंडीगढ़ जाते। अपने कार्यकाल में डॉ. तेजबीर ने अपने 90 प्रतिशत पर्सनल दौरों को सरकारी बताया। वह चार्ज संभालने के बाद पहली बार 15 मार्च 2013 को अमृतसर आए। मार्च 2014 में जब उनका कार्यकाल खत्म हो रहा था तो वह 30 दिनों में से 19 दिन टूर पर ही रहे।
पंजाब सरकार की ओर से अगले हुक्मों तक उनका कार्यकाल बढ़ाने पर वह अप्रैल माह में 15 दिनों तक टूर पर रहे।
माई माह में हुकम वापस लेने पर भी रिकार्ड में टूर ही दिखाया गया। इस दौरान डॉ. तेजबीर ने अपने पर्सनल टूर्स के लिए कुछ पैसे भी जमा करवाए, लेकिन वह काफी कम थे।
हिंदू संघर्ष कमेटी के प्रधान ने की कार्रवाई की मांग
हिंदूसंघर्ष कमेटी के जिला प्रधान पंडित मुकेश शर्मा ने डीआरएमई को खत लिखकर डॉ. तेजबीर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में पूरी तहकीकात की जाए ताकि पूरी सच्चाई बाहर सके। अगर प्रशासनिक कार्रवाई में डॉ. तेजबीर गलत साबित होते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं ताकि समाज को संदेश जाए कि घपले करने वाले अधिकारियों को सरकार बख्शेगी नहीं।
हिंदू सुरक्षा समिति के जिला प्रधान मुकेश शर्मा ने डीआरएमई डॉ. तेजबीर सिंह के खिलाफ इंक्वायरी करवाने की मांग की।