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- सड़क बनाई और टूट गई फिर उसे कर दिया सीमेंटेड
सड़क बनाई और टूट गई फिर उसे कर दिया सीमेंटेड
टूटी सड़क को सीमेंटेड कर दिया गया।
सेंट फ्रांसिस स्कूल से कैंट को जाती सड़क का उखड़ा किनारा।
भास्कर न्यूज| अमृतसर
नगरनिगम, पुड्डा और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से करवाए गए काम में शिकायत आए तो बात हजम हो जाती है, लेकिन कंटोनमेंट बोर्ड के काम में ऐसा होना शायद ही किसी को विश्वास हो। कमोबेश, सेंट फ्रांसिस रोड से होकर कैंट को जाने वाली सड़क के निर्माण को देख कर यह भ्रम टूट जाता है। सड़क के बनते ही बीच-बीच में गड्ढे पड़ गए और उनको नियमानुसार भरने की बजाय सीमेंटेड कर दिया गया।
1महीने में हुआ बुरा हाल
इससड़क को बने बमुश्किल एक महीना ही हुआ है कि इसमें जगह-जगह गड्ढे पड़ गए। सड़क के किनारों को हल्का मसाला लगा कर बनाया गया और खामी छिपाने के लिए उस पर तारकोल का पेंट कर दिया गया। गड्ढों को भरने की बारी आई तो उनको नियमों को ताक पर रख कर सीमेंटेड कर दिया गया। हालांकि यह सड़क बजरी-तारकोल से बनी है।
आरटीआई एक्टिविस्ट वरुण सरीन ने बताया कि सड़क टूट जाती है तो उस पर पैच लगाने से पहले बजरी अन्य मैटीरियल डाल उसकी अच्छी तरह से कुटाई होती है, रोलर भी चलाया जाता है, फिर उस पर तारकोल/बजरी/सीमेंट मिक्सकर पैच लगाया जाता है। सीमेंटेड होने के कारण सड़क हादसों का कारण बन रही है और किनारे अभी से टूटने लगे हैं।
वरुण का कहना है कि इस बाबत उन्होंने आरटीआई के जरिए जवाब मांगा तो जानकारी नहीं दी गई। और तो और जानकारी के लिए अफसरों से संपर्क किया जाता है तो वह फोन भी नहीं रिसीव करते।
यहहोना चाहिए
कंस्ट्रक्शनके काम से जुड़े दलबीर सिंह गुमानपुरा का कहना है कि सड़क बनने के बाद अगर वह तयशुदा समय सीमा के पहले टूट जाती है तो उसकी रिपेयर ठेकेदार मुफ्त करता है। अन्यथा उसकी जमा सिक्योरिटी जब्त कर ली जाती है। अगर उसे बनाना पड़ता है तो पहले टूटे हुए हिस्से में मानकों के मुताबिक कंक्रीट/रोड़ी डाल कर कुटाई की जाती हैै फिर उसमें सीमेंटयुक्त मैटीरियल डाला जाता है फिर उस पर वही मैटीरियल डाला जाना चाहिए जिसकी सड़क बनी है। सीमेंटेड करना पूरी तरह से नियमों की अनदेखी है। जीएनडीयू के आर्किटेक्ट विभाग के सीनियर प्रोफेसर पीएस महूरा का कहना है कि जब गड्ढा पड़ जाता है तो उसे भरने के लिए वही सामग्री इस्तेमाल की जानी चाहिए। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि ज्वाइंट पूरे जुड़ें मगर ऐसा कम ही किया जाता है।
कामअभी अधूरा है
काममें कोई कोताही नहीं बरती गई है और काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। दूसरे फेस में सारी कमियां दूर कर दी जाएंगी। बोर्ड जो भी काम करता है वह पूरी जांच-परख कर करवाता है।
-अजय सहगल,
सीईओ,कैंटोनमेंट बोर्ड