इन्फेक्शन रुके तो आई बॉल्स निकाल दें
अजनालाके गांव गग्गो माहल में लगे मेडिकल कैंप के मरीजों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही। पीजीआई की ओर से गठित टीम ने बुधवार अपनी रिपोर्ट राम लाल ईएनटी एंड आई अस्पताल में भेजी।
इसमें कहा गया है कि अगर मरीजों की आंखों की इन्फेक्शन कंट्रोल नहीं होती तो आई बॉल्स निकाल दें। डॉ. कर्मजीत सिंह ने बताया कि पीजीआई की रिपोर्ट उन्हें मिल चुकी है। पीजीआई से आई टीम ने अस्पताल में एडमिट 21 लोगों की आंखों की जांच की थी। उन्होंने बताया कि वह अभी मरीजों की आंखों की इन्फेक्शन कंट्रोल करने का प्रयास कर रहे हैं। आई बॉल्स को निकालना आखिरी ऑप्शन होगा। अभी मरीजों को सबसे स्ट्रांग एंटी-बॉयटिक दिया जा रहा है।
डॉ. कर्मजीत सिंह ने बताया कि बुधवार भी 60 वर्षीय रेखी अस्पताल में पहुंची है। उसकी आंखें में काफी सुधार है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों की गिनती 37 हो गई है। 25 अभी भी अस्पताल में एडमिट हैं और 12 को ओपीडी में देखा जा रहा है। 25 में से 7 मरीजों की आंखों में सुधार है।
बादलसाहिब मरीजों के लिए भी निकालो समय
वहीं,एससी-एसटी कमीशन के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने वीरवार को अस्पताल में पहुंचकर मरीजों का हाल जाना। उन्होंने इलाज के लिए डीसी के रेडक्रॉस फंड में पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि वह अमृतसर में पिछले दो दिन से हैं, विरसा विहार में दो-दो घंटे बैठकर नाटक देखने का टाइम उनके पास है, लेकिन अपनी आखें गंवाने वाले इन गरीब मरीजों का हालचाल पूछने के लिए हॉस्पिटल तक पहुंचने में उन्हें मुश्किल रही है। वह बोले, बादल साहिब अपने कीमती समय में से मरीजों के लिए भी समय निकालो।
एससी-एसटी कमीशन के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका ने वीरवार को अस्पताल में जाकर मेडिकल कैंप में आंखों की रोशनी गंवाने वाले मरीजों का हाल-चाल पूछा।