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भगवान जगन्नाथ के जयकारों से गूंजी गुरु नगरी

7 वर्ष पहले
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जयजगन्नाथ, जय जगन्नाथ, जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानंद, हरि बोल। इन शब्दों के जयघोष से शनिवार को गुरु नगरी गुंजायमान हो गई। सड़कों पर रंगोली और हवा में पुष्पवर्षा के बीच श्रद्धालुओं की नृत्य शैली ने सबका मन मोह लिया। श्वेत वस्त्र, मस्तक पर चंदन का तिलक, हाथ में भगवान नाम की माला और मुख से हरि बोल नाम के बोल के साथ रस्सी से रथ खींचते भक्तों की श्रद्धा देखते ही बनती थी। मौका था शहर में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का।

श्री श्री गौर राधा कृष्ण इस्कॉन मंदिर और रथ यात्रा कमेटी की ओर से यह यात्रा निकाली गई थी। लारेंस रोड स्थित बिजली पहलवान मंदिर के बाहर से बाद दोपहर जैसे ही श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा जी के विग्रहों से सुसज्जित रथ को खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाने शुरू कर दिए। यात्रा के दौरान श्रीराधा कृष्ण, भगवान भोले नाथ, भगवान श्री कृष्ण, भगवान नरसिंह अवतार आदि की झांकियां भी प्रभावशाली रहीं। संत समाज के रूप में आत्म ज्योति महाराज, आत्मप्रकाश नंद महाराज और संदीप महाराज आदि ने शिरकत की।

श्रील नव योगेंद्र स्वामी महाराज और प्रभु इंद्रानुज दास के सान्निध्य में आयोजित रथयात्रा के शुरू होने से पहले अमृतसर के सांसद कैप्टन अमरिंदर सिंह, डीसी रवि भगत, मुख्य संसदीय सचिव इंद्रबीर सिंह बुलारिया, भाजपा की वरिष्ठ नेता प्रो. लक्ष्मीकांता चावला, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपचेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका, माझा जोन के इंचार्ज एवं विधायक ओपी सोनी, पूर्व मेयर सुनील दत्ती, गुरजीत औजला, मेयर बख्शी राम अरोड़ा, दैनिक भास्कर के अनिल सिंघल और सुरभि वर्मा ने परंपरा के अनुसार रथ के आगे झाड़ू लगाया।

पुष्पों और रंग बिरंगे परिधानों में सजे भव्य रथ पर भगवान के विग्रहों को स्थापित करने के बाद स्वामी नवयोगेंद्र ने उनकी पूर्ण विधिविधान से पूजा-अर्चना की और शांति के प्रतीक कबूतरों को आकाश में छोड़कर यात्रा का शुभारंभ किया। उधमपुर के गुरुकुल से आए पीले वस्त्रधारी बच्चों ने ढोल, मृदंग आदि की ताल पर भावपूर्ण नृत्य करके सबका मन मोह लिया। रथयात्रा के आगे त्रिनाथ सेवा दल और उड़ीसा दुर्गा सेवा दल की ओर से सड़कों पर बनाई रंगोली को देखने के लिए वहां से गुजरने वाले लोगों को भी रुकने पर विवश किया। पूरे रास्ते भक्तों की ओर से सजावटी गेट लगाकर खाने पीने की साम