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बीआरटीएस स्कीम में पेड़ों की कटाई के खिलाफ निकाला रोष मार्च
बसरैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए कंपनी बाग रोड के किनारों पर हो रही पेड़ों की कटाई के खिलाफ विभिन्न एनजीओ ने रविवार की सुबह रोष मार्च निकाल कर इस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। इन लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन विकास के नाम पर पुराने तथा बेशकीमती पेड़ों को काट कर शहर को विनाश के रास्ते पर डाल रहे हैं। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
बीआरटीएस के लिए सड़क चौड़ी की जानी है और इसके तहत सेलिब्रेशन माल से लेकर किचलू चौक वाया माल रोड के किनारों के 147 पेड़ों को काटा जाना है। चार फरवरी को जब कटाई का काम शुरू किया गया तो इसे मीडिया ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद काम को रोक दिया गया है। खैर, उसे के खिलाफ मिशन आगाज, आगोश, खुदाई खिदमतगार संस्था, बरकत एनजीओ, वायस ऑफ अमृतसर, भारत विकास परिषद, हिम्मत ग्रुप के नुमाइंदों ने इस कटाई पर आपत्ति जताई है। मिशन आगाज के दीपक बब्बर का कहना है कि विकास के नाम पर जिस तरीके से पेड़ों को काटा जा रहा है वह जन-जीवन के लिए खतरनाक है। डॉ. इंदु अरोड़ा का कहना है कि पेड़ काटे जा रहे हैं मगर लगाए नहीं जा रहे हैं, इसके चलते शहर का पर्यावरण बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इस मुद्दे को लेकर उन लोगों ने नेताओं तथा मंत्रियों से मुलाकात की मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी। पीएस भट्टी तथा स्वराज ग्रोवर का कहना है कि विकास होना चाहिए लेकिन इसके नाम पर पर्यावरण को खराब नहीं किया जाना चाहिए।
रणदीप कोहली, लक्ष्मी गिल, डॉ. प्रहलाद दुग्गल, डॉ. बीआर हस्तीर, अरुण मरवाहा, आरडी शर्मा, मनिंदर कौर, मोहित सिंह आदि ने कहा कि जिन पेड़ों की कटाई हो रही है वे 100 साल से अधिक उम्र के हैं।