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जिले की एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. डॉली ने जॉब से दिया रिजाइन

7 वर्ष पहले
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अमृतसरजिले के सरकारी अस्पतालों में एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट ने सेहत विभाग को एक माह के अल्टीमेटम के साथ रिजाइन भेज दिया है। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे सेहत विभाग के लिए यह एक बड़ा झटका है। उनके रिजाइन करने के बाद पूरे पंजाब के सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्टों की गिनती मात्र 17 रह गई है।

जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में कार्यरत रेडियोलोजिस्ट डॉ. डॉली ने अपना रिजाइन सेहत विभाग को भेज दिया है। इसमें उन्होंने रिजाइन का कारण पर्सनल बताया है। एसएमओ डॉ. घई ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने डॉ. डॉली के जाने के बाद अस्पताल का काम प्रभावित होगा और विभाग को उन्होंने इसकी जानकारी भी भेज दी है।

नएडॉक्टर नहीं रहे

सरकारकी नीतियों के कारण नए डॉक्टर भी पंजाब हैल्थ कॉर्पोरेशन को ज्वाइन नहीं करना चाहते। एक तरफ डॉक्टरों को मिलने वाला वेतन प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले बहुत कम हैं और दूसरी ओर उनसे लिए जाने वाले काम डॉक्टर करना पसंद नहीं करते। रेडियोलॉजिस्ट की बात करें तो उन्हें 50 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाता है, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में वह 2 लाख रुपए प्रति माह आसानी से पा सकते हैं।

प्राइवेट सेक्टर में रेडियोलॉजिस्ट 25 से 30 अल्ट्रासाउंड रोजाना करते हैं लेकिन सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों से दोगुना काम लिया जाता है। इसके अतिरिक्त डॉक्टरों को कोर्ट केस के लिए कचहरियों के चक्कर काटने पड़ते हैं और सबसे अधिक हर दूसरे दिन डॉक्टरों को वीआईपी ड्यूटीज पर जाना पड़ता है।

एमसीआई की टीम पहुंची मेडिकल कॉलेज

मेडिकलकांउसिल ऑफ इंडिया की दो सदस्यीय टीम ने सोमवार मेडिकल कॉलेज का औचक दौरा किया। दौरे के साथ-साथ पूरे मेडिकल कॉलेज की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। इस दौरे के बारे में मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को पहले कोई भी जानकारी नहीं भेजी गई थी। एमसीआई की इस दो सदस्यीय टीम में डाॅ. अजय अग्रवाल और डाॅ. आर गोस्वामी शामिल थे।टीम सुबह सीधा प्रिंसिपल ऑफिस पहुंची और रिकार्ड की जांच की। इसके बाद टीम सीधा लाइब्रेरी पहुंची। वहां उन्होंने टेलीमेडिसिन और लाइब्रेरी के विभिन्न सेक्शनों का दौरा किया। इसके उपरांत काॅलेज की लेबोरेट्रियों इमारतों का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने गुरु नानक देव अस्पताल में भी विभिन्न सुविधाओं वार्डों रेडियो डायग्नोस्टिक, क्लीनिकल लैब, सर्जरी विभागों, ऑपरे