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- ... और उम्र भर छला जाता रहा सूर्य पुत्र कर्ण
... और उम्र भर छला जाता रहा सूर्य पुत्र कर्ण
विरसा विहार में पेश हुआ नाटक कर्णभारम
भास्करन्यूज| अमृतसर
12वेंनेशनल थिएटर फेस्टिवल के चौथे दिन मंगलवार को विरसा विहार में महाकवि भास रचित संस्कृत नाटक कर्णभारम के हिंदी रूपांतरण (डॉ. प्रभात कुमार भट्टाचार्य की पुनर्रचना) को पेश किया गया।
अभिनव रंगमंडल उज्जैन की टीम की ओर से पेश किए गए इस नाटक का निर्देशन किया है शरद गुप्ता ने। नाटक में कर्ण के जन्म से मरण तक हुई घटनाओं, जिसमें उसे हर जगह छला जाता है को, बड़े ही मार्मिक अंदाज में पेश किया गया है। नाटक में अजय कुमार प्रजापति, आशीष शर्मा, शरद बिश्नोई, रोहित कुमार जाट, नागेंद्र सिंह राठौर, राघवराज, शरद शर्मा, सचिन वर्मा, उर्मि शर्मा, आशीष खटिक, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, अवनि, पूनम आदि ने किरदार निभाया है।
कलाकारों ने अपनी शानदार परफारमेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया।