अमृतसर। नेपाल से चरस लाकर भारत में तस्करी करने के मामले में मंगलवार को नेपाली नागरिक हीरा लाल उर्फ राज गुरु और निर्मल सिंह को 10-10 साल की कैद और एक-एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा गुरदित सिंह को 7 साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला सेशन जज प्रीति साहनी की अदालत ने मंगलवार को सुनाया।
जानकारी के अनुसार सीआईए स्टाफ के तत्कालीन प्रमुख इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह ने 25 अप्रैल 2011 को थाना डी-डिवीजन में मामला दर्ज करवाया था। इसके अनुसार उन्होंने बताया कि चाटीविंड के पास गश्त और नाकेबंदी के दौरान पुलिस टीम ने 5-6 नौजवानों को बाग में गतिविधियां करते हुए देखा।
जब पुलिस उनके पास पहुंची तो 2 नौजवान फरार हो गए, जबकि 4 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनसे 8 किलो चरस बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हीरा लाल उर्फ राज गुरु निवासी पुखारिया जिला परसा (नेपाल), निर्मल सिंह, गुरदित सिंह निवासी मकबूलपुरा और बुद्ध सिंह निवासी अन्नगढ़ के रूप में हुई थी।
चौथा आरोपी भगौड़ा है
यह नेपाल से चरस तस्करी करके चरस यहां लाए थे। इस मामले में चौथा कथित आरोपी बुद्ध सिंह जेल से फरार हो चुका है, जिसे अदालत ने भगौड़ा करार दिया हुआ है।
महिला के साथ मारपीट के आरोप में 3 पर केस
थाना गेट हकीमां की पुलिस ने दो युवकों और एक महिला के खिलाफ मारपीट के आरोप में केस दर्ज किया है। प्रिया सिंह ने बताया कि 6 दिसंबर को उनकी मां को आरोपियों ने बाजार में घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।