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बेटे के पास इंग्लैंड नहीं जा पाए मां-बाप
पेड़के साथ कार टकराने से हुए हादसे में कादियां में रहते अजीत सिंह सहित उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। इनमें प|ी बबली, बेटा विजय और भतीजा करण शामिल है। उनकी एक 18 साल की बेटी ज्योति इस हादसे में गंभीर जख्मी हो गई, जिसका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है और वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। इसके अलावा उनका बड़ा बेटा सिकंदर सिंह छह महीने पहले ही इंग्लैंड गया है। उनकी बड़ी बेटी रेखा चंडीगढ़ में रहती है और वहां पर पीजीआई से मेडिकल का कोर्स कर रही है। दूसरी तरफ कादियां में जिस इलाके में अजीत सिंह और उनका परिवार रहता था। वहां के लोगों के साथ बेहद लगाव था। इस हादसे के बाद से ही उनके इलाके में गमगीन माहौल है।
सिकंदर सिंह लगभग हर रोज अपने माता-पिता को फोन पर कहता था कि वह उन दोनों को भी अपने साथ इंग्लैंड ले जाएगा। मां-बाप के बारे में अजीत के भाई सरबजीत सिंह ने सिकंदर को इस बारे में खबर दे दी है। अजीत सिंह खुद ज्यादा पढ़-लिख नहीं पाए थे। उनकी इच्छा थी कि उनके बच्चे अच्छे पढ़-लिख जाएं।
यही कारण है कि वह अपनी बड़ी बेटी रेखा को मेडिकल की पढ़ाई करवा रहे हैं। उनकी खुद की इच्छा थी कि वह मेडिकल की पढ़ाई करें, लेकिन हालातों के कारण ऐसा नहीं हो पाया था। इसके अलावा वह अपने भाई सरबजीत सिंह के बेटे करण को भी अपने पास ही रख कर पढ़ा रहे थे। हालांकि इस हादसे में करण की भी मौत हो गई है। अजीत सिंह और उनकी प|ी का करण के साथ बहुत लगाव था।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर अजीत के रिश्तेदारों का भीड़ जुटी हुई थी। (इनसेट) करण के पिता सरबजीत ने बताया कि करण को उसके भाई अजीत ने अपने पास पढ़ाने के लिए रखा हुआ था।
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