पांच मरीजों की आंखों की रोशनी लौटी
डाॅ. नवजोत कौर सिद्धू सोमवार को मरीजों से मिलीं, हालचाल जाना
भास्करन्यूज | अमृतसर
कैंपमें अपनी आंखों का आॅपरेशन करवा रोशनी खोने वाले अमृतसर की तहसील अजनाला के गांव गगोमाहल और जिला गुरदासपुर के गांव घुमान के मरीजों में से 5 लोगों की आंखों की रोशनी वापिस आने की उम्मीद बंधी है। डाक्टरों ने इनकी आंखों से पस निकालकर अलग वार्ड में रखा गया है, 15 दिनों के बाद इनकी आंखों की रोशनी आने की उम्मीद जगी है। जबकि बाकी के 18 मरीज अलग से बनी वार्ड में अपना इलाज करवा रहे हैं।
एक अन्य महिला बलबीर कौर निवासी गगोमाहल भी अपनी आंख की जांच करवाने ईएनटी अस्पताल में आई है। जबकि पहले से ही 12 मरीजों को छुट्टी दी जा चुकी है। सेहत विभाग की मुख्य संसदीय सचिव डा. नवजोत कौर सिद्धू ने इन मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल मालूम किया।
आंखें खो चुके मरीजों को सरकार से वित्तीय सहायता की दरकार है। गुरमेज सिंह, जोगिंदर सिंह और गुरदीप कौर का कहना है कि उनके जीवन में तो अंधेरा हो ही चुका है। पिछले एक महीने से वह कभी यहां तो कभी वहां धक्के खा रहे हैं। अस्पताल में दाखिल अधिकांश मरीज दिहाड़ीदार हैं। रोशनी चले जाने के कारण अब यह लोग काम काज करने में बेकार हो चुके हैं। इन लोगों की मांग है कि उनकी आंखों की रोशनी खोने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गुजर बसर करने के लिए तमाम मरीजों को पेंशन शुरू की जाए, ताकि वह किसी पर बोझ बनें। मरीजों का इलाज कर रहे डा. कर्मजीत ने डा. सिद्धू को बताया कि सभी मरीजों की दिन में कम से कम दो बार जांच की जा रही है। सभी की आंखों में इंफेक्शन के कारण बनी पस को निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि 18 अन्य मरीजों की आंखों की रोशनी कार्निया ट्रांसप्लांट के बाद भी नहीं सकती, क्योंकि इनकी आंखों की लाइट पीछे से ही डैमेज हो गई है।
डा. सिद्धू ने कहा सभी मरीजों का इलाज अस्पताल में फ्री किया जा रहा है। यदि मरीजों ने थोड़ी समझ से काम लिया होता तो उनकी आंखें खराब होने से बच सकती थी। उन्होंने गैर सामाजिक संगठनों से अपील की है कि बिना सिविल सर्जन की अनुमति के कैंप लगाएं। इस मौके पर सिविल सर्जन डाॅ. राजीव भल्ला, डाॅ. राजू चौहान, डाॅ. सतपाल, डा. रेनू, गौरव वासदेव आदि मौजूद थे।
ईएनटी अस्पताल में इलाज करवा रहे मरीज का हाल पूछती सीपीएस डाॅ. सिद्धू।