- Hindi News
- सदर कानूनगो ब्रांच में नक्शे की बजाय मिलते हैं धक्के
सदर कानूनगो ब्रांच में नक्शे की बजाय मिलते हैं धक्के
जीटीरोड स्थित नहरी विभाग की बिल्डिंग में बनी सदर कानूनगो (एसके) ब्रांच में माल विभाग का रिकार्ड से रद्दी की तरह पड़ा हुआ है। जिसकी परवाह तो स्टाफ को है और ही प्रशासन इसकी संभाल के लिए संजीदा लगता है। रिकॉर्ड की फाइलें कुछ तो रैकों पर हैं और कुछ गठरियों में बांद कर रखी हुई हैं। जमीनी मुरब्बाबंदी का नक्शा लेने के लिए लोगों को ब्रांच के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जमीन का नक्शा लेने आए महिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें नक्शे की जरूरत है। वह नक्शा लेने के लिए कई दिनों से ब्रांच के चक्कर लगा रहे हैं। इसके अलावा निरंजन सिंह का कहना है कि वह तो पिछले एक महीने से नक्शा निकलवाने के लिए ब्रांच में रहे हैं। उन्होंने बताया कि उर्दू भाषा में रिकॉर्ड होने के कारण उन्हें नक्शा लेने में खासी दिक्कत पेश आती है।
सदर कानूनगो (एसके) ब्रांच में मुरब्बेबंदी का नक्शा लेने आए लोगो का कहना है कि सुनने में आया है कि माल विभाग के रिकॉर्ड की फाइलों का रिकार्ड साल 2006-07 में टेंपर हो चुका है। जिस तरह से उक्त स्थान पर रिकॉर्ड पड़ा है उसमें से फिर कोई शरारती किसी लालच में आकर रिकॉर्ड से छेड़खानी कर सकता है। इसके अलावा अगर कोई शार्ट सर्किट हो जाए तो विभाग में पड़ा सौ सालों से भी पुराने रिकॉर्ड को नुकसान भी पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहल के आधार पर रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना रखना चाहिए। अगर भविष्य में कोई अप्रिय घटना घट जाए तो सरकारी कर्मचारियों अथवा अधिकारियों को तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा और संबंधित लोगों को तो परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि माल विभाग के रिकॉर्ड को ठीक ढंग से संभाला जाना चाहिए। इसके अलावा रिकॉर्ड कंप्यूट्रीकरण करने की तरफ ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि इसे लंबे समय तक संभाला जा सके।
^माल विभाग के रिकॉर्ड को संभालने के लिए आदेश दिए जाएंगे ताकि रिकॉर्ड खराब हो। रही बात रिकॉर्ड टैंपर होने की उसके लिए रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड करने के लिए सरकार को लिखा हुआ है ताकि भविष्य में ही रिकॉर्ड टैंपर हो और ही खराब हो। रविभगत, डीसी