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सरकारी सूखे के बीच बासमती की बंपर पैदावार
खेतोंमेंबासमती की हरियाली और इसकी खुशबू पसरी है। जबकि पंजाब सरकार केंद्र से सूखा राहत पैकेज की गुहार लगा रही है। सूबे में सूखे में भी बंपर बासमती प्रोडक्शन होने के आसार हैं। 8.62 लाख हैक्टेयर रकबे में इस साल बासमती की रिकॉर्ड 34 लाख टन उपज होने की संभावना है। जबकि पिछले साल 5.59 लाख हैक्टेयर रकबे में 22.65 लाख टन बासमती की उपज हुई थी।
इस धान के कुल रकबे में से 30 फीसदी पर इस साल बासमती लहलहा रही है। कृषि विभाग के मुताबिक अमृतसर, तरनतारन, जलालाबाद और गुरदासपुर में धान के 90 फीसदी रकबे में बासमती लगाई गई है।
इससाल बासमती होगी सस्तीं : इससाल बंपर बासमती होने से धान का भाव 2500 रुपए क्विंटल रहने के आसार हैं। कोहिनूर फूड्स के ज्वाइंट एमडी गुरनाम अरोड़ा के मुताबिक पंजाब में इस साल बासमती का रकबा बढ़ने से बासमती की सप्लाई बढ़ेगी जिससे रेट कम रहने के आसार हैं। इनमें पूसा 1121 और 1509 वैरायटी के भाव 2500 रुपए क्विंटल तक हो सकते हैं जबकि पिछले साल इन्हीं वैरायटी के भाव 4000 रुपए क्विंटल तक थे।
बासमती एक्सपोर्टर आईएस गुम्बर का कहना है कि अधिक उपज होने से बासमती के भाव 30 फीसदी तक गिरने की संभावना है। इससे बासमती चावल का भाव 40-45 रुपए किलो रह सकता है।
हरियाणा में इस साल धान के कुल रकबे के 40 फीसदी (11.38 लाख हैक्टेयर) में बासमती की खेती की गई है। देश के कुल बासमती उत्पादन में 60 फीसदी पंजाब और हरियाणा का योगदान है।
^सरकार ने इस साल धान की सिंचाई पर 1500 करोड़ रुपए की बिजली फूंकी जबकि किसानों ने 850 करोड़ रुपए का डीजल फूंक कर सूबे में सामान्य से 58 फीसदी कम वर्षा के बावजूद फसलों को सूखने से बचाया है। इसलिए हम केंद्र से 2330 करोड़ रुपए का सूखा राहत पैकेज मांग रहे हैं। इसके अलावा बासमती के लिए भी एमएसपी की मांग की गई है। तोतासिंह, एग्रीकल्चरमंत्री
मार्केट फीस आरडीएफ माफ करे सरकार
फैडरेशनऑफ आढ़ती एसोसिएशन ऑफ पंजाब के प्रेसिडेंट विजय कालड़ा का कहना है कि बासमती की खरीद को बढ़ावा देने के लिए सरकार आढ़तियों से ली जाने वाली 2 फीसदी मार्केट फीस और 2 फीसदी रूरल डवलपमेंट फंड (आरडीएफ) को माफ करे। बासमती की खरीद को बढ़ावा देने के लिए यह छूट राइस मिलों को दी जा रही है।