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\"करेक्टर के साथ इंसाफ करना ही सच्ची अदाकारी\'

7 वर्ष पहले
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‘कलाकारकाम देखता है, भाषा नहीं, फिल्म में दिए गए करेक्टर के साथ इंसाफ करना ही सच्चे कलाकार की पहचान होती है। अच्छा अदाकार वही है जो पर्दे पर अपने जानदार अभिनय से लोगों के दिलों में अपनी जगह बना लेता है। यह कहना है हिन्दी, पंजाबी, मराठी के अलावा हाॅलीवुड की शार्ट फिल्म में दस्तक दे चुके अदाकार गैवी चाहल का। गैवी के लिए अभिनय अपने आप में किसी तपस्या से कम नहीं। पंजाबी म्यूजिक से अपने करिअर की शुरुआत करने वाले गैवी ने 70 से 80 पंजाबी एलबम में काम किया। अभिनय की ऊंचाइयां छूने के लिए 2006 में फिल्म मुंबई की ओर रुख किया। गैवी फिल्मों के अलावा टीवी सीरियल में भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवा चुके हैं।

पटियाला जिले के मानसा शहर में जन्में गैवी ने गुरदासपुर के बेअंत इंजीनियरिंग काॅलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पिता स्कूल में प्रिंसिपल थे लिहाजा वह चाहते थे कि बेटा इंजीनियर बने। लेकिन संगीत के प्रति उनके जुनून ने गैवी को इंजीनियर की जगह कलाकार बना दिया। बालाजी बैनर के मशहूर सीरियल ‘सास भी कभी बहू थी, से छोटे पर्दे पर अभिनय की शुरूआत की। इसके बाद ‘मोहे रंग दे सावरिया, सीरियल और फियर फैक्टर रियलिटी शो में काम किया। लेकिन गैवी का ज्यादा समय पंजाबी और हिन्दी के अलावा मराठी फिल्मों में एक्टिंग में बीता।

पंजाबी फिल्मों में यारां नाल बहारां, मेंहदी वाले हत्थ और पिंकी मोगे वाली उनकी कामयाब फिल्में रही जबकि यशराज बैनर की फिल्म ‘एक था टाइगर में उन्हें सलमान खान और कैटरीना कैफ के साथ काम करने का सुनहरा अवसर मिला। इसके लिए उन्हें जर्नलिस्ट फैडरेशन आफ इंडिया के 20 राष्ट्रीय समारोह में सम्मानित किया गया। गैवी की आने वाली फिल्मों में हिन्दी फिल्म ‘गुल्ल मक्कई’ है जिसमें अमिताभ बच्चन, मुकेश रिषी और ओम पुरी जैसे दिग्गज अदाकारों ने काम किया है। गैवी जल्द ही हाॅलीवुड की शार्ट फिल्म ‘सायलेंस’ में भी नजर आएंगे। पंजाबी फिल्मों के बारे में पूछने पर वह कहतें है कि स्क्रिप्ट अगर दमदार होगी तो पंजाबी फिल्म में काम करके खुशी मिलेगी। अखिरकार मैं पंजाबी हूं और पंजाबी मेरी मां बोली है।