रीढ़ की हड्डी के टेढ़ेपन को किया दूर
रीढ़की हड्डी में टेढ़ेपन के साथ पैदा हुई चरणजीत कौर समाज में हीनता का शिकार हो रही थी। उम्र के साथ उसका कूबड़पन भी बढ़ रहा था, जिसके चलते उसे बहुत ज्यादा दर्द और असहजता महसूस हो रही थी। साथ ही उसके पैरों में लगातार कमजोरी बढ़ रही थी जो आगे चलकर लकवे का कारण बन सकती थी। यह जानकारी हरगुन अस्पताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में पारस अस्पताल गुडगांव के डॉ. अरुण भनोट ने दी।
उन्होंने बताया कि उसकी सर्जरी का पहला चरण 30 जून को किया गया। दूसरी सर्जरी 27 जुलाई को हुई। इसके बाद रिहेबलिटेशन और फिजियोथैरेपी प्रोग्राम अपनाया गया और आज चरणजीत कौर सामान्य अवस्था में गई है। उन्होंने बताया कि चरणजीत बिल्कुल ठीक-ठाक है। चरनजीत ने कहा कि पिछले दो साल से मुझे ज्यादा परेशानी महसूस होने लगी थी, क्योंकि मेरा शरीर एक ओर झुकने लगा था। इसके साथ ही, मुझे लगातार सिर दर्द, गर्दन दर्द और हाथ पैर सुन्न हो जाते थे। लेकिन आज बिल्कुल ठीक हैं।