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सुपर किड्स में बच्चे बने हिरण, बंदर, मेंढक

5 वर्ष पहले
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सुपरकिड्स होली हार्ट के एम्फीथियेटर में नर्सरी, एलकेजी और केजी के स्टूडेंट्स ने डिजनी के विश्व प्रसिद्ध शो लॉयन किंग्स को प्रस्तुत किया। टाइनी टॉट्स की ओर से दिखाए गए इस लाइट एंड साउंड शो के डायरेक्टर ऑफ नाट्यशाला जतिंदर बराड़ ने कहा कि इन नन्हें कलाकारों के आत्मविश्वास और अदाकारी को देखकर केवल यही कहा जा सकता है कि अगर नन्हें बीज और कोमल पौधे इतने सशक्त हैं तो पेड़ बनने पर यह कितने सुदृढ़ होंगे।

उन्होंने एम्फीथियेटर की तुलना शेक्सपीयर के लंदन स्थित ग्लोबल थियेटर से की। उनके साथ-साथ मुख्यातिथि डीआईजी बीएसएफ सुमेर सिंह थे। प्रिंसिपल शिल्पा सेठ ने मुख्यातिथि बराड़ और सुमेर सिंह के साथ-साथ आशा सिंह, स्वराज ग्रोवर और कंवलजीत कौर का स्वागत किया। स्टूडेंट्स ने जंगल के जानवरों-बंदरों, मेंढकों, हिरणों, शेरों, पक्षियों, पेड़-पौधों फूलों की भूमिका इतनी कुशलता से निभाई की दर्शक दंग रह गए।

बच्चों को सपोर्ट देने के लिए शिक्षकगण ने कहानी के मुख्य पात्रों, मुफासा, सिंबा, स्कार, पुंबा, सारानी, टीमोन, रफीकी आदि की भूमिका निभाई। प्रिंसिपल विक्रम सेठ ने कहा कि स्कूल की ओर से उन पर किए गए टैलेंट हंट में दिन प्रतिदिन अपनी सक्रिय भूमिका से निखार लाने के लिए मोटीवेट किया।

डायरेक्टर अंजना सेठ ने पारिवारिक मूल्यों माता-पिता की भूमिका को परिवारों की रीढ़ की हड्डी यानी बैक बोन बताकर इस वेल्यू को बच्चों में गहराई तक भरने के लिए बल दिया।

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