अमृतसर। कांग्रेस नेता करमजीत सिंह रिंटू ने आरटीआई की जानकारी का हवाला देते हुए हलका में 51,843 जाली वोटें बनाए जाने की बात कही है। उनके मुताबिक यह वोटें वर्ष 2012 से लेकर अब तक बनाई गई हैं, और कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने इसी दम पर चुनाव में जीत हासिल की थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों की टीम चीफ इलेक्शन कमिश्नर, भारत को मिलकर हलका में बने वोटों का दोबारा से जांच करवाने की मांग करेगी। इसके अलावा जोशी को सस्पेंड करके उनको वर्ष 2012 से लेकर अब तक दी गई सैलरी अन्य भत्तों की रिकवरी की जानी चाहिए। जिला कांग्रेस देहाती दफ्तर में प्रैस कांफ्रेंस के दौरान रिंटू ने सारा मामला कोर्ट में ले जाने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2012 में हलका उत्तरी में 1,63,069 वोटें थी, आरटीआई की जानकारी के मुताबिक वर्ष 2012 से लेकर 2016 तक 50,641 नई वोटें बनी, जिसका जोड़ 21,3710 बनता है। चुनाव रजिस्ट्रेशन अधिकारी-15 उत्तरी विस. हलका कम डिप्टी कमिश्नर विकास ने जानकारी में बताया है कि इस अवधि में 31715 वोटें काटी गई हैं, जिसके बाद यह वोटें 181995 बनती है। वहीं चीफ इलेक्शन कमिश्नर पंजाब के वर्तमान रिकार्ड के अनुसार हलका में 1,61,867 वोटें बताई जा रही हैं, हैरानीजनक है कि वोटें कटने के बाद भी आरटीआई इंफार्मेशन में 20128 वोटों का हिसाब नहीं दिया गया।
रिंटू के मुताबिक यह बात साफ है कि इन बोगस वोटों का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव 2012, नगर निगम चुनाव और लोकसभा चुनाव में किया गया था। वहीं विस.चुनाव 2012 में 1,63,069 वोटें थी, जिसमें से 51,843 जाली वोटें सामने आई हैं ऐसे में उस समय हलका में 1,11,226 वोटें स्टैंड कर रहीं थी, जबकि चुनाव में 1,11,364 वोटें डाली गईं, ऐसे में वर्तमान वोटों की तुलना में उस समय 138 वोटें ज्यादा पोल हुईं थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पिछले साढ़े चार साल से आरटीआई के तहत जवाब मांगने में लगे हुए हैं, जोकि नहीं दिया गया।