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भारत हर बार दोस्ती की पहल करता है, अब पाक की बारी : कमर आगा

5 वर्ष पहले
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भारत-पाक ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को यह समझ लेना चाहिए कि अमन और शांति के बगैर तो तरक्की संभव है और ना ही दोस्ती, इसके जरिए ही आतंकवाद पर नकेल कसी जा सकती है।

कमोबेश, भारत और पाकिस्तान के बीच जारी शांति प्रक्रिया में अब पाक को आगे आना होगा, क्योंकि गेंद उसके पाले में है। यह सुझाव शनिवार को कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित एक दिवसीय सेमिनार- “भारत-पाक के बीच रिश्ता और द्विपक्षीय बातचीत’ में दोनों मुल्कों के अमन के पैरोकारों ने दिए।

सेमिनार फोकलोर रिसर्च अकादमी, कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, साउथ एशिया फ्री मीडिया एसोसिएशन, माझा विरासत ट्रस्ट तथा हाशिम शाह पंजाबी फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। सेमिनार के मुख्य वक्ता तथा भारतीय रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों को वहां की सेना का समर्थन हासिल है और उनका नेटवर्क इतना मजबूत है कि सरकार भी उनके आगे बेबस नजर आती है। उनका कहना है कि पहले जब शांति के लिए बातचीत होती थी उस वक्त आतंकी संगठनों की तरफ से भारत में ऐसा कुछ किया जाता रहा है, जिससे माहौल तुरंत बिगड़ जाता था। लेकिन अब बातचीत शुरू होने से पहले ही वह भारत विरोधी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत हर बार कोशिश करता रहा है और अब पाकिस्तान की बारी है। आगा ने दोनों मुल्कों के बीच ट्रेड बारे कहा कि इसमें भारत-चीन मॉडल को अपनाया जाना चाहिए, क्योंकि विवाद के बावजूद ट्रेड रिलेशन पर भी काम होता रहता है, यही कारण है कि टकराव के बावजूद चीन से 70 बिलियन डालर का ट्रेड होता है।

फोकलोर रिसर्च अकादमी केे प्रधान रमेश यादव ने कहा कि दोनों मुल्कों के बीच जब शांति प्रक्रिया शुरू हुई तो उसमें रुकावट डालने के लिए पठानकोट की घटना हुई। इससे पहले मुंबई पर 9/11 का आतंकी हमला भी ऐसी ही घटना रही है। बावजूद इसके शांति अमन के लिए सेमिनार किए जाते रहे हैं। पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता आईए रहमान ने कहा कि दोनों मुल्कों की अवाम शांति और दोस्ती चाहती है और विवाद घटनाएं उनको निराश करती हैं।

हिंद-पाक दोस्ती मंच के जरनल सेक्रेटरी सतनाम माणक ने कहा कि पाकिस्तानी संगठनों की तरफ से जिस तरीके से हरकत की जाती है उससे शांति प्रक्रिया में रुकावट पैदा होती है। उनका कहना है कि कश्मीर मसलों को दोनों ही सरकारों को मिलजुल कर हल करना चाहिए।

सेमिनार में डॉ. चरणजीत सिंह नाभा, डॉ. कुलदीप सिंह पटियाला ने भी संबोधित किया। स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता बाबू ने आए हुए मेहमानों को यादगारी चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर सुरजीत जज, राजिंदर सिंह रूबी, कुलदीप सिंह धालीवाल, गुरदेव सिंह महिलांवाला, दिलबाग सिंह सरकारिया, रणजीव शर्मा, सुतीश झिंगन, गुरजिंदर सिंह बघियाड़ी, एस पुरुषोत्तम आदि मौजूद थे।

‘भारत-पाक में रिश्ता और द्विपक्षीय बातचीत’ सेमिनार में दोनों मुल्कों के अमन के पैरोकारों ने विचार सांझा किए

फोकलोर रिसर्च अकादमी की तरफ से करवाए गए इंडो-पाक रिलेशन्सन सेमिनार में मौजूद लोग। इस दौरान कमर आगा ने कहा कि ट्रेड के लिए दोनों मुल्कों के बीच भारत-चीन मॉडल अपनाया जाना चाहिए क्योंकि विवाद के बावजूद ट्रेड होता रहता है।

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