1 मंच पर 7 राज्यों के फनकार पढ़ा गए ज्ञान और हक का पाठ
अमूमन किसी भी थिएटर ग्रुप या नाट्य मंडली में एक ही प्रांत के लोग शामिल होते हैं और अगर अलग-अलग प्रांतों के लोग होते हैं तो परफारमेंस में तारतम्य नहीं बैठता। इसके विपरीत चंडीगढ़ का “अलंकार’ थिएटर ग्रुप ऐसा है, जिसमें सात राज्यों के लोग काम कर रहे हैं, मगर यह दिक्कत नहीं आती। इसी टीम ने शनिवार की शाम पंजाब नाटशाला के मंच पर रशियन नावेल पर आधारित तथा चक्रेश कुमार यादव निर्देशित नाटक “द फ़र्स्ट टीचर’ पेश करके समाज को ज्ञान, नारी सशक्तिकरण तथा अपने हकों के प्रति जागरूक रहने का पाठ पढ़ाया। इस ग्रुप की तरफ से रविवार को भी नाटक पेश होगा।
रूसी लेखक चंगीज अइत्यातोव लिखित नाटक “द फ़र्स्ट टीचर’ अर्थात पहला गुरु उत्तर प्रदेश के जिला मैनपुरी के गांव दौलतपुर पर आधारित करके तैयार किया गया है। इस पिछड़े गांव में बाहर से एक टीचर आता है और वह लोगों के बच्चों को पढ़ाना चाहता है। झोपड़ी में स्कूल खोलता है और घर-घर जाकर बच्चे इकट्ठा करता है। चूंकि बड़े वर्ग के लोग इस गांव के लोगों का शोषण करते हैं और वह उनको उसी के प्रति जागरूक करना चाहता है। यह टीचर कभी इसी गांव में पैदा हुआ था। इसी गांव की एक लड़की जिसके मां-बाप का निधन हो जाता है, की शादी उसके चाचा-चाची एक बुड्ढे से कर देते हैं। टीचर उसे भी पढ़ाता है। लड़की उच्च शिक्षा हासिल करके आगे बढ़ जाती है और एक दिन इसी गांव के समारोह में चीफ गेस्ट बनकर आती है। चक्रेश कुमार यादव निर्देशित इस नाटक को बृज भाषा में पेश किया गया है।
थिएटर ग्रुप के प्रवक्ता मोहित शर्मा जो बताते हैं कि उनके इस ग्रुप में डायरेक्टर उनकी प|ी यूपी से हैं। इसी तरह से अन्य कलाकार, दिल्ली, चंडीगढ़, हिमाचल, हरियाणा और राजस्थान के हैं। खास बात तो यह है कि इनकी पेशकारी में भाषा या लहजे की कोई दिक्कत नहीं आती। यही नहीं ग्रुप में 15 से 80 साल उम्र के कलाकार हैं। नाटक में चक्रेश कुमार यादव, उनकी प|ी मंजू यादव, राजेश कश्यप, सविता, प्रशांत, दीपांशु, तेजिंदर, प्रोमिला, प्रिया, ज्योति, श्वेता, निखिल ने किरदार निभाया है। संगीत सचिन भट्ट का और लाइटिंग नितिन की है। बैक स्टेज पर मोहित शर्मा, रेस्टी, अभिषेक, गौरव हैं।
आज पेश होगा नाटक ‘पोस्टर’ : पंजाबनाटशाला में रविवार को अलंकार ग्रुप की तरफ से शंकर शेेष लिखित और चक्रेश कुमार निर्देशित नाटक ‘पोस्टर’ पेश किया जाएगा।