हक की लड़ाई का नुस्खा दे गया ‘पोस्टर’
हकलेने के लिए लड़ना भी पड़ता है और अगर लड़ाई सिस्टम की खामियों के खिलाफ है तो वजूद पर भी बन सकती है। अगर इसे जीतना है तो सिस्टम से टकरा कर नहीं बल्कि उसमें रहते हुए इसे जारी रखना चाहिए। हक और अधिकारों की लड़ाई का यह नुस्खा दे गया रविवार की शाम पंजाब नाटशाला में पेश नाटक ‘पोस्टर’। शंकर शेष लिखित इस नाटक को निर्देशित किया चक्रेश कुमार यादव ने और पेशकारी की “अलंकार’ थिएटर ग्रुप ने।
मजदूरोंके जरिए सिस्टम की खामियों पर किया कटाक्ष
नाटककी कहानी आदिवासी इलाके की है। जंगल का मालिक एक सेठ होता है। आदिवासी उसके यहां काम करते हैं। इस दौरान एक बाबा आता है और मजदूरों को बताता है कि मालिक का कहा मानना चाहिए क्योंकि उसके जरिए ही स्वर्ग मिलता है और इस संदर्भ में तमाम पोस्टर जंगल में लगे होते हैं। खैर, इसी दौरान कल्लू नामक मजदूर की प|ी मायके से अपने साथ ऐसे ही पोस्टर लेकर आती है। मजदूर अनपढ़ होते हैं और सोचते हैं कि पोस्टर और लगा देंगे तो मालिक खुश होगा और उसे चस्पां कर दिया जाता है। मालिक आकर देखता है तो भड़क उठता है क्योंकि वह पोस्टर हक लेने और मजदूरी बढ़ाने का है।
खैर, मालिक रेट बढ़ा देता है। दूसरे दिन मजदूर और पोस्टर लगा देते हैं और रेट बढ़ा कर मालिक कल्लू तथा उसकी प|ी को लालच देकर अपनी तरफ मिलाने की कोशिश करता है। इसके बाद नाटक में वही कुछ होता है जो आम आदमी के साथ हक की लड़ाई में होता है। डायरेक्टर चक्रेश कहते हैं हमने नाटक में सवाल खड़ा किया है कि कल्लू-चैती गायब हुए तो कहां गए और मालिक गुम हुआ तो कहां?
नाटककी सीख : नाटकसीख दे गया है कि सिस्टम की खामियों को सुधारना है तो उसमें ही रह कर लड़ाई लड़ना चाहिए। अगर हम सिस्टम को ध्वस्त करेंगे तो एनार्की आएगी और इसके बाद तानाशाही जो इससे भी ज्यादा बुरी होती है। इसमें यह भी बताने की कोशिश की गई है कि कोई भी क्रांति या विरोध होता है तो वह कुछ दिनों में ही शांत हो जाता है, वह सिरे नहीं चढ़ता, क्योंकि हम सिस्टम को बी तोड़ना चाहते हैं।
किरदारऔर बैक स्टेज : नाटकमें मंजू यादव, प्रिया राजपूत, सविता नेगी, श्वेता नेगी, प्रीति चौरसिया, निखिल मोदी, राजेश कश्यप, मोहित शर्मा, तेजिंदर सिंह, दीपाशुं शर्मा, नितिन शर्मा, सचिन भट्ट, प्रभात, चक्रेश ने किरदार निभाया है। संगीत सचिन भट्ट, नितिन शर्मा और मुन्ना धीमान का है, गीत लिखे हैं शंकर शेष ने और लाइटिंग चक्रेश की जबकि कस्ट्यूम डिजाइन किया है मंजू यादव ने।
पंजाब नाटशाला में नाटक ‘पोस्टर’ का मंचन करते कलाकार। नाटक देखने बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे।