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पंजाबियों के दिलों को बचाने के लिए इंग्लैंड से अमृतसर पहुंचे एनआरआई ग्रेवाल, चीमा

5 वर्ष पहले
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अटारी बाॅर्डर/अमृतसर। पंजाब के दिल के मरीजों की मदद के लिए काम कर रहे इंग्लैंड में रहने वाले एनआरआई जगजीत सिंह ग्रेवाल और रुपिंदर सिंह चीमा कार से सफर करते हुए रविवार को अमृतसर पहुंचे। पाकिस्तान के रास्ते यहां पहुंचे इन लोगों का मुख्य मकसद लोगों को दिल की बीमारियों के प्रति जागरूक करना और उनके इलाज में आर्थिक मदद करना है। यहां पहुंचने पर उनका एसजीपीसी मेंबर परमजीत सिंह रायपुर और गुरुद्वारा गुरुसर सतलानी साहिब के मैनेजर भाई राजिंदर सिंह रूबी ने स्वागत किया।

15 देशों से होकर आए

ग्रेवाल ने बताया कि वे अपने शहर ग्रेवसैंड से कार में पहली फरवरी को चले थे। 13 फरवरी को पाकिस्तान के लाहौर शहर पहुंचे। अटारी बाॅर्डर तक उन लोगों ने 11,000 किमी का सफर पूरा किया है। रुपिंदर सिंह ने बताया कि यूरोप समेत 15 देशों से गुजरते हुए वे यहां पहुंचे हैं। सफर में उनको काफी दुश्वारियां भी झेलनी पड़ीं। पाकिस्तान के ब्लोचिस्तान सूबे में तो स्थिति यह रही कि कई रातें पुलिस स्टेशन में गुजारनी पड़ी। वहां पर गुरुद्वारा ननकाना साहिब के दर्शन-दीदार के बाद वे यहां पहुंचे हैं।

पंजाब में दिल के मरीजों की मदद के लिए इंग्लैंड से कार के जरिए अमृतसर पहुंचे एनआरआई जगजीत सिंह ग्रेवाल और रुपिंदर सिंह चीमा का स्वागत एसजीपीसी मेंबर परमजीत सिंह रायपुर और गुरुद्वारा सतलानी साहिब के मैनेजर राजिंदर सिंह रूबी ने किया। फोटो| भास्कर

पिता की मौत के बाद उठाया बीड़ा

ग्रेवाल ने बताया कि चार साल पहले उनके पिता जोगा सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी। इसके बाद उन्होंने दिल के मरीजों की मदद का बीड़ा उठाया। उनका कहना है कि भारत में दिल के मरीजों की मदद के लिए रकम इकट्‌ठी करने में तरमनजीत सिंह ढेसी ने उनकी बहुत मदद की है। ढेसी की संस्था ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन की तरफ से उन्हें 25,000 पौंड दान किए गए हैं, जो अब बढ़ कर 90,000 पौंड हो चुके हंै। उनका कहना है कि उनके शहर की विभिन्न कंपनियां सेवा के इस काम में मदद करती हैं। वह वहां जुटाई गई दान की रकम से यहां के दिल के मरीजों की मदद करेंगे।


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