हाउस क्यों बने पार्टी : पार्षद मर्यादा भंग करो: कमिश्नर
नगरनिगम के डेथ एंड बर्थ विभाग में धांधलियों के आरोपों की विजिलेंस जांच के प्रस्ताव को लेकर नगर निगम कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल और अकाली पार्षद दल के नेता सुरिंदर सुल्तानविंड में जमकर शब्दों की जंग हुई। सुल्तानविंड ने कहा कि निगम कमिश्नर विजिलेंस जांच को मंजूरी देने के लिए समर्थ हैं तो फिर हाउस को पार्टी क्यों बनाया जा रहा है। इस बात को सुनते ही गुस्साए कमिश्नर सभ्रवाल ने पार्षद पर सदन की मर्यादा भंग करने के आरोप जड़ दिए। मेयर बख्शी राम अरोड़ा ने स्थिति संभालते हुए सभी प्रस्तावों को पार्षदों की सहमति से पास कर दिया।
वीरवार को हाउस की बैठक के शुरुआत में वॉटर मीटर पॉलिसी, कवर्ड हाइड्रोलिक, 30 कूड़े की ट्रालियां और डंप के रास्ते के लिए जमीन खरीद का प्रस्ताव पारित होने के बाद विजिलेंस जांच की मंजूरी का एजेंडा रखे जाने के बाद माहौल गर्म हो गया। पार्षद सुल्तानविंड ने कहा कि डेथ एंड बर्थ विभाग में धांधली के आरोपी मुलाजिमों को विजिलेंस की तरफ से पहले क्लीन चिट दे दी गई है, अब दोबारा से जांच को कंपीटेंट अथारिटी यानी की निगम कमिश्नर मंजूरी दें। इस बात के बाद मामला तूल पकड़ गया। कमिश्नर सभ्रवाल ने सदन के सामने निगम में भ्रष्टाचार खत्म करने की कसम भी ली। वहीं हाउस की बैठक खत्म होने के बाद भी पार्षद और कमिश्नर में बहसबाजी जारी रही, जिसमें पार्षदों और अफसरों ने बीच बचाव करते हुए दोनों पक्ष को शांत करवाया। आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में भ्रष्टाचार को बेनकाब करने का मुद्दा ही गर्म रहा। बैठक के बाद भाजपा पार्षदों की मांग पर कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल ने डीसी रेट मुलाजिमों का मामला जल्द हल करने का आश्वासन दिया। मुलाजिमों ने निगम कमिश्नर और पार्षदों का धन्यवाद भी किया। इस मौके पर डीसी रेट संघर्ष कमेटी के तुषार शर्मा, कुनाल शर्मा, मनजीत सोनू, विशाल शर्मा आदि मौजूद थे।
मीटिंग के दौरान जहां एक तरफ हाउस के अंदर गहमागहमी का माहौल बना रहा, वही बाहर सफाई मजदूर यूनियन ने सीवरेजमेनों को पक्का करने की मांग को लेकर मेयर अरोड़ा और पार्षद सुल्तानविंड के पुतले भी फूंके।
वॉटर मीटर पॉलिसी को पारित करने का कांग्रेसी पार्षदों ने विपक्ष के नेता राज कंवलप्रीत लक्की के नेतृत्व में विरोध किया, जबकि बहुमत वाले सत्ताधारी पार्षदों की सहमति इसे रोक नहीं पाई। पार्षद लक्की ने कहा कि सरकार टैक्सों का भार डाल कर जनता पर जुल्म कर रही है, जोकि न्यायसंगत नहीं है। इसी बीच भाजपा पार्षद सुखमिंदर सिंह पिंटू ने स्पेशल कैटेगरी में सर्विस स्टेशन और कार-मोटरसाइकल के शोरूम शामिल किए जाने का सुझाव भी हाउस के सामने रखा।
क्लीन चिट के सबूत दिखाते सुल्तानविंड। हाउस को शांत करवाते मेयर।
सुरिंदर सिंह सुल्तानविंड से बहस के बाद भड़के निगम कमिश्नर।