बार्डर मैनेजमेंट : सूबा सरकार से संतुष्ट नहीं पार्लियामेंट्री कमेटी
पाकिस्तानसे लगते पाकिस्तान के बार्डर की सुरक्षा की खामियां, बीएसएफ जवानों तथा किसानों की मुश्किलें का जायजा लेने पहुंची केंद्रीय होम अफेयर्स की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी बार्डर मैनेजमेंट में राज्य सरकार की कारगुजारी से खुश नहीं है। तीन दिनों तक पंजाब के विभिन्न बार्डरों पर जाकर कमेटी मेंबरों ने हर पहलू को बारीकी से जाना और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। कमेटी के कुछ लोगों का मानना है कि लोकल मुद्दों पर राज्य सरकार फेल रही है।
शुक्रवार को यहां एक होटल में किसानों, बीएसएफ, पंजाब पुलिस राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद कमेटी मेंबरों ने कहा कि वह लोग सारी स्थिति को सरकार के समक्ष रखेंगे और उसके बाद आगे काम होगा। हालांकि सुरक्षा कारणों बार्डर की खामियों को कमेटी ने सार्वजनिक नहीं किया मगर इतना जरूर कहा कि हालात के मद्देनजर बार्डर पर बहुत कुछ किया जाना बाकी है। इसमें फेंसिंग का नवीनीकरण, खाली जगहों पर फेंसिंग लगाना।
कमेटी के चेयरमैन पी. भट्टाचार्य ने कहा कि बार्डर को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी स्टेट और सेंट्रल गवर्नमेंट की जिम्मेदारी है। उनसे जब यह पूछा गया कि सरहदी लोगों को एजुकेशन, हेल्थ, रोड, पेयजल, रोजगार तथा पंजाब पुलिस की तैनाती आदि का जिम्मा तो स्टेट गवर्नमेंट का है और दूसरे राज्यों की तुलना में पंजाहब सरकार कहां स्टेंड करती है। इसके जवाब में उनका कहना है कि यह मसले राज्य सरकार के हैं और उसे इस तरफ ध्यान देना चाहिए। हालात से ऐसा लगता है कि इस तरफ राज्य सरकार फेल रही है। हालांकि दूसरी तरफ राज्य सभा तथा कमेटी मेंबर प्रो. प्रेम सिंह चंदू माजरा ने राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार का दायित्व ज्यादा बनता है।
इनके साथ हुई मीटिंग : मीटिंग में पी. भट्टाचार्य, प्रो. प्रेम सिंह चंदू माजरा, के. रहमान खान, बिष्णु पाडा रे, प्रताप राव जाधव, नीरज शेखर, अधीर रंजन चौधरी, दिलीप पटेल, डॉ. सत्यपाल सिंह, कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह रणीके, सीपीएस प्रो. विरसा सिंह वल्टोहा, पंजाब के चीफ सेक्रेटरी सर्वेश कौशल, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (होम) जगपाल सिंह संधू, डीजीपी पंजाब पुलिस सुरेश अरोड़ा आदि शामिल रहे।