सरकार पर ‘कंटेम्ट ऑफ कोर्ट’ डालेंगे किसान
आतंकवादके दौरान पाकिस्तान से लगती पंजाब की सरहद पर फेंसिंग में फंसी खेती लायक जमीन को लेकर किसान राज्य तथा केंद्र सरकार के खिलाफ “कंटेम्ट ऑफ कोर्ट’ डालने की तैयारी में हैं। इनका कहना है कि दो दशक से ज्यादा वक्त गुजर गया और अदालतों ने उनके हक में फैसले सुनाया मगर तो उनको सही तरीके से मुआवजा दिया गया और ना ही अन्य किसी तरह की मदद की। पंजाब दौरे पर पहुंची केंद्रीय होम अफेयर्स की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी के समक्ष प्रभावित किसानों ने खुल कर चुनौती दी और कहा कि उनके सब्र का प्याला भर चुका है।
कमेटी पंजाब के बार्डर बेल्ट के किसानों, बीएसएफ के जवानों तथा आंतरिक सुरक्षा का जायजा लेने के लिए पहुंची थी। इसी के तहत शुक्रवार को किसानों के साथ मीटिंग भी हुई। किसानों ने अपना पक्ष और मुश्किलें पेश कीं। कमेटी ने उनको भरोसा भी दिया, मगर वह संतुष्ट नजर नहीं आए। पंजाब बार्डर एरिया किसान वेलफेयर सोसायटी के प्रधान रघबीर सिंह भंगाला के मुताबिक फेंसिंग की जद में अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का, अबोहर और तरनतारन के गांवों की 21,000 एकड़ जमीन है। किसान सुरजीत सिंह ने बताया कि शुरुआती दौर में प्रति एकड़ 2,500 रुपए का मुआवजा मंजूर किया गया था मगर वह भी कुछ ही दिन मिल सका। इसके जब अदालत अदालत ने जनवरी 2014 में प्रति एकड़ मुआवजा 10,000 रुपए देने के आदेश दिए थे, मगर उस पर आज तक अमल नहीं हो सका है।