अमृतसर। 2011 में पुलिस के टॉर्चर के बाद सेंट्रल जेल में हुई रतन सिंह चौक के बावा सिंह की मौत के केस में पुलिस इंस्पेक्टर हरीश बहल ने बुधवार को जज शमिंदरपाल सिंह की अदालत में सरंडर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद सेशन कोर्ट पहुंचे इंस्पेक्टर हरीश बहल को जज शमिंदरपाल सिंह की अदालत में जाने के लिए कहा गया।
तकरीबन एक घंटे तक इंस्पेक्टर बहल अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन जज शमिंदरपाल सिंह के सामने पेश होते ही उनकी छाती में दर्द शुरू हो गया और देखते ही देखते उनके सहयोगी उन्हें अस्पताल ले गए। कोर्ट ने उन्हें 24 फरवरी तक जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार पुलिस इंस्पेक्टर हरीश बहल और भाजपा से जुड़े कबीर शर्मा समेत आठ आरोपियों के खिलाफ जारी समनों पर दायर रिव्यू पिटीशन को जज शाम लाल की अदालत ने खारिज कर दिया था। मामले में हत्या का केस दर्ज है और इसमें एएसआई दिलबाग सिंह, एएसआई परमजीत सिंह, हवलदार अमरीक बंब, रेलवे में काम करते अशोक कुमार, नवीं आबादी के रहने वाले रणजीत कुमार और अजय भी आरोपी हैं। इन सभी आरोपियों को शमिंदरपाल सिंह की अदालत में मंगलवार को पेश होने के लिए समन जारी हुए थे, लेकिन मंगलवार कोई आरोपी अदालत में नहीं पहुंचा। इससे पहले भी हरीश बहल और बाकी सभी लोगों ने जज प्रीति साहनी की अदालत में अपनी जमानत याचिका दायर की, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद सभी ने पंजाब एंड हरियाणा में अपनी जमानत याचिका लगाई थी।
वहां से भी अपील को खारिज कर दिया था। इसके बाद इंस्पेक्टर हरीश बहल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से भी उन्हें सेशन कोर्ट में पेश होने को कहा गया।
यह है मामला
एडवोकेट अमरपाल सिंह रंधावा और मनजीत सिंह छीना ने बताया कि साल 2011 में हरीश बहल थाना मजीठा रोड का इंस्पेक्टर और एएसआई दिलबाग सिंह चौकी फैजपुरा का इंचार्ज था। बावा सिंह को 27 जुलाई 2011 को चौकी फैजपुरा की पुलिस गिरफ्तार कर ले गई। उस पर अशोक घोचा, रणजीत कुमार, अजय कुमार और कबीर शर्मा आदि के साथ झगड़ा करने का केस डाला गया। थाने ले जाकर हरीश बहल सहित बाकी सभी पुलिस वालों ने बावा सिंह को थर्ड डिग्री टार्चर दिया। दो दिनों तक टार्चर करने के बाद बावा सिंह को 29 जुलाई को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया और फिर से हवालात में रखकर मारपीट की। 30 जुलाई को उसे गंभीर हालत में जेल भेज दिया। जेल में 1 अगस्त को बावा सिंह को मौत हो गई। इससे गुस्साए बावा सिंह के परिवार और इलाके के लोगों ने रतन सिंह में धरना लगाकर रोष भी जाहिर किया था। बात न बनती देख बावा सिंह के भाई बुआ सिंह ने कोर्ट में मंत्री अनिल जोशी सहित उक्त सभी लोगों के खिलाफ इस्तगासा दायर कर दिया। मामले की जांच सीजेएम की ओर से की गई। उसमें जोशी जांच के दौरान बाहर हो गए और बाकी सभी आरोपी पाए गए। अदालत ने इनके खिलाफ हत्या का केस दायर करने के आदेश दिए। उस मामले में अब कोर्ट ने सभी आरोपियों के वारंट जारी किए।