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कमेटी बोली- बाॅर्डर पर कई खामियां पुरानी कंटीली तार को भी बदला जाए

5 वर्ष पहले
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पठानकोट/चंडीगढ़। पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद भारत-पाक सीमा सुरक्षा में चूक की जांच को लेकर पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी ने वीरवार को पंजाब से सटे भारत-पाक बाॅर्डर का दौरा किया। कंटीली तार के बावजूद आतंकियों के भारत सीमा में घुसने से लेकर एयरबेस के अंदर जाकर भी जांच की।

कमेटी ने माना कि बाॅर्डर पर कई खामियां हैं। साथ ही कंटीली तार पुरानी होने पर उसे बदलने और बीएसएफ को निगरानी तेज करने पर जोर दिया। कमेटी का मानना है कि अभी कुछ भी बोलना सही नहीं है, आतंकी कैसे और कितने आए, जांच चल रही है। गृह मंत्रालय की गठित 18 सांसदों की पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी ने चेयरमैन प्रदीप भट्टाचार्य, आनंदपुर के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा के नेतृत्व में एयरबेस का दौरा किया।
उनके साथ एनआईए चीफ शरद कुमार और एयरफोर्स और सेना की वेस्टर्न कमांड के अधिकारी भी थे। काबिलेगौर है कि पंजाब में 632 किलोमीटर की सीमा पर बीएसएफ की 12 कंपनियां तैनात हैं। लाइन ऑफ कंट्रोल से पहले भारत ने कंटीली तार भी लगाई हुई है इसके बावजूद आतंकी इन्हीं रास्तों से घुसपैठ कर रहे हैं।
आतंकी कैसे घुसे, अभी चल रही है जांच
टीम ने एयरबेस के अंदर जांच के बाद पहाड़ीपुर में जाकर भारत-पाक बाॅर्डर पर लगी कंटीली तार की भी चैकिंग की। प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि बाॅर्डर पर खामियों का जायजा लिया गया है। बाॅर्डर पर कई जगह पर कंटीली तार पुरानी हो चुकी है और उसे बदलने की जरूरत है। चेयरमैन भट्टाचार्य ने कहा कि पठानकोट में जो हुआ सबने देखा, लेकिन कुछ बाते हैं कि कौन आए, क्यों आए और कैसे आए? इनका जवाब अभी नहीं मिला है। कमेटी ने हमले के बाद बाॅर्डर पर निगरानी और बढ़ाने पर भी जोर दिया।
केंद्र को रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी
पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी ने भारत-पाक बॉर्डर पर सीमावर्ती गांवों का दौरा भी किया। कमेटी ने इस दौरान गांवाें के स्कूलों और गांवों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी स्थिति जानी। कमेटी मेंबर्स ने कहा कि बाॅर्डर पहुंचते रोड की भी हालत खस्ता है और स्कूलों का बुरा हाल है। इनमें टीचरों की कमी है। कमेटी का कहना है कि केंद्र सरकार को इन इलाकों के लिए ज्यादा फंड मुहैया करवाने के लिए लिखा जाएगा। कमेटी बार्डर पर मिली खामियों की रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार को सौंपेगी।
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