अमृतसर. सिने तारिका ऋचा चड्ढा की कद-काठी और हावभाव देख यह नहीं लगता कि वह सर्बजीत पर बनाई जा रही फिल्म में उसकी पत्नी सुखप्रीत का सादगी भरा ग्रामीण किरदार निभा पाएंगी, लेकिन उनकी विगत की उपलब्धियों को देख लगता है कि वह रोल बढ़िया तरीके से कर लेंगी। वह कहती भी हैं कि यह फिल्म मील का पत्थर साबित होगी।
क्या है दावा?
उनका तो यहां तक दावा है कि यह फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से भी ज्यादा सुपर-डुपर जाएगी। अनुराग कश्यप की उपरोक्त फिल्म में उन्होंने अधेड़ उम्र की महिला नगमा खातून का किरदार निभा कर अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया था। अमृतसर और तरनतारन में फिल्म ‘सर्बजीत’ की चल रही शूटिंग के सिलसिले वीरवार को श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रास्ते गुरु नगरी पहुंच ऋचा इस फिल्म में सर्बजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर का किरदार निभा रही हैं।
पूरी तरह से पंजाबी हूं
मुंबइया लटके-झटके में एयरपोर्ट से बाहर आती इस अदाकारा से जब पूछा गया कि क्या वह सुखप्रीत से मिली हैं तो उनका जवाब था कि पहली बार मिलूंगी। मैं पंजाबी हूं, मेरा जन्म अमृतसर में ही हुआ। उन्होंने बताया कि वह पंजाबी हैं और उनका जन्म अमृतसर में ही हुआ है मगर दो साल की उम्र में परिवार यहां सेे शिफ्ट हो गया, लेकिन घर का माहौल पूरी तरह से पंजाबी है इसलिए रोल करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
‘फुकरे’ में दिखी थीं ऋचाऋचा ने बताया कि रही फिजिकल फिटनेस की बात करें तो अपना वेट भी उन्होंने सुखप्रीत के रोल के हिसाब से कम किया है। चेहरा तो कुदरती सुखप्रीत से मिलता-जुलता है। इसके बाद वह ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर-2’ में नजर आईं। साल 2013 में उन्होंने ‘फुकरे’, ‘शॉर्ट्स’ और ‘राम-लीला’ जैसी फिल्मों में किरदार निभा कर अभिनय क्षमता का परिचय दिया।
फिल्मी सफर
बता दें कि ऋचा ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत साल 2008 में आई कॉमेडी ड्रामा फिल्म ‘ओए लक्की! लक्की ओए’ से की थी। वह साल 2012 में आई फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से सुर्खियों में आईं। यह अभिनेत्री अपनी एक्टिंग का लोहा कई फिल्मों में मनवा चुकी है।
‘तमंचे’ में मचाई धूम
ऋचा चड्ढा ने साल 2014 में उन्होंने तमंचे और ‘धूमकेतू’ जैसी फिल्मों में धूम मचाई। शुरुआती दिनों में उन्होंने भारत के अलावा पाकिस्तान में भी कई नाटक पेश किए। उनका कहना है कि वह गुरु घर की रहने वाली हैं और वाहे गुरु उनको निराश नहीं करेंगे।