अमृतसर। रेत से भरा ट्रक गिरने से टूटे भंडारी पुल के एक हिस्से की रिपेयर आखिरकार 441 दिनों के बाद शुरू हो ही गई। इसके लिए कई बार डीसी अमृतसर और मेयर नगर निगम ने भी रेलवे फिरोजपुर के डीआरएम को पत्र लिखे। वहीं समय-समय पर रेलवे और जिले के प्रशासनिक अफसरों की ओर से मीटिंग भी की जाती रही है, लेकिन हर बार पुल की रिपेयर के काम को गंभीरता से नहीं लिया जाता रहा है।
अब मात्र 15 दिनों में रिपेयर का काम पूरा कर लिया जाएगा और पुल के इस हिस्से को दोबारा से लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पुल की रिपेयर का काम जिला प्रशासन और रेलवे दोनों मिलकर कर रहे है। डीटीएम अशोक सिंह सलारिया ने कहा कि काम शुरू कर दिया गया है। पूरा काम जालंधर वर्कशाप से आई टीम कर रही है।
6 दिसंबर 2013 को रेत से भरा एक ट्रक क्रिस्टल चौक की तरफ से आया और पुल के साथ बने जंगले से जा टकराया। इस जगह से केवल स्कूटर और मोटरसाइकिल ही निकल पाते हैं। ट्रक बड़ा होने के कारण फंस गया। जब ड्राइवर ने रेस अधिक देकर ट्रक को निकालना चाहा तो वह तोड़ कर नीचे रेलवे लाइनों पर जा गिरा।
निगम बनवाएगा सड़क
पुल की रिपेयर करने के लिए जालंधर से इंजीनियरों की टीम आई है, जो बड़ी ही सावधानी से लोहे के एंगलों को लगा रहे हैं। पुल की रिपेयर में कुल 3 एंगल लगाए जाने हैं। इसके बाद नगर निगम की ओर से इस पर सड़क बनाने का काम किया जाएगा। रिपेयर कर रहे कर्मियों का कहना है कि अगर पूरे समय के लिए ब्लॉकिंग दी जाती है तो चार से पांच दिनों में ही पूरा काम खत्म कर दिया जाएगा।
क्या है ब्लॉकिंग
अमृतसर रेलवे स्टेशन से पूरा दिन करीब 130 ट्रेनों की आवाजाही होती है। लगभग सभी ट्रेनें बिजली वाले इंजन पर चलती हैं। ऐसे में पुल के नीचे से 24000 हजार वोल्टेज की तारें गुजरती है। जो करीब पांच फीट की दूरी से ही किसी व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकती हैं। ऐसे में जब तक रेलवे की ओर से बिजली की सप्लाई को पीछे से बंद नहीं किया जाएगा। कर्मियों के लिए काम करना बेहद मुश्किल है।