अमृतसर। शहर में चलने वाली स्कूली बसों की मनमानी पर ब्रेक लगाने के लिए जिला प्रशासन, ट्रांसपोर्ट अथारिटी और ट्रैफिक पुलिस ने सांझा रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पिछले हफ्ते इस संबंध में डीसी आफिस में डीटीओ लवजीत कलसी, डीसी रवि भगत और एडीसीपी ट्रेफिक ध्रुमन निंबले की ओर से इस पर विस्तार से चर्चा की गई।
डीटीओ लवजीत कलसी ने बताया कि इस संबंध में हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करवाने के
लिए सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों को पत्र लिखकर उनके यहां मौजूद वाहनों की डिटेल मांगी है। स्कूलों को कुल 12 प्वाइंट बनाकर भेजे हैं। इन प्वाइंटों में स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए। बस के दोनों तरफ स्कूल का नाम और उसका फोन नंबर लिखा होना जरूरी है। बस के पीछे ड्राइवर का नाम और
मोबाइल नंबर लिखा हो। बस ड्राइवर को हैवी व्हीक्ल चलाने का कम से कम 5 साल का तजुर्बा हो तथा उसने वर्दी पहनी हो। ड्राइवर को हिदायत की गई हो कि वह शराब अथवा अन्य नशा करके गाड़ी न चलाए।
बस मोटर व्हीक्ल इंस्पेक्टर से पास होनी चाहिए, बस में आग बुझाने की किट और फर्स्ट एेड बाक्स होना लाजमी है। बस के साथ एक कर्मचारी तैनात हो जो छोटे बच्चों को उतरने और चढ़ते समय उनकी मदद करे। बस निर्धारित स्पीड से तेज न चलाई जाए। बस में बच्चों के बैग रखने की व्यवस्था हो। बस 15 साल से पुरानी ना हो। बस में निर्धारित सीटों से ज्यादा बच्चे न बिठाए जाएं शामिल है।