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मजीठिया के इशारे के बिना माझे में पत्ता नहीं हिलता : शशिकांत

8 वर्ष पहले
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अमृतसर. कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मर्जी के बगैर माझे में कोई भी अच्छा या बुरा काम नहीं हो सकता। हर काम में उसकी सहमति जरूरी होती है। पूर्व डीजीपी (जेल) शशिकांत ने शुक्रवार को यहां एक पत्रकारवार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जेलों में नशीले पाउडर के आरोप में बंद 80 प्रतिशत कैदी ऐसे हैं, जिन्हें अकाली सरकार के नुमाइंदों ने रंजिश के तहत फंसाया है। पंजाब का लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से बिगड़ चुका है।

पंजाब पर नजर बनाए है अंतरराष्ट्रीय मीडिया: उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजरें हैं। विदेशों में भी बस यही संदेश जा रहा है कि राज्य नशे का गढ़ बन चुका है। इसके लिए वह विशेष तौर पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं, ताकि लोग नशे से दूरी बनाएं।

धरने से पीछे नहीं हटेंगे

जो नेता नशे का कारोबार कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, मैं हाइकोर्ट में हलफिया बयान देकर जल्द ही इनके नामों का खुलासा करने वाला हूं। सीबीआई जांच की मांग की जा रही। अब मांग की जाएगी कि इसके लिए जांच सीमा भी तय हो। शशिकांत ने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो वे आरोपी नेताओं के घर के बाहर धरना-प्रदर्शन भी करेंगे।

रजिस्ट्रियों पर रिश्वत का करेंगे विरोध

जमीन की रजिस्ट्री करवाने के समय दी जानी वाली हजारों रुपए की रिश्वत खत्म करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। ताकि बिना पैसों से आम लोगों का काम हो सके। और यह भी संभव बनाया जाएगा कि रजिस्ट्री का सारा काम दो दिन के भीतर हो।