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डाउनलोड करेंअमृतसर. अमृतसर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के एमडी रहे सुरिंदरपाल सिंह छीना को न्यायाधीश नवजोत सोहल की अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत अधिकतम पांच साल की कैद और 80 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। छीना को 20 जनवरी को दोषी करार दिया गया था। वह 1996 से लेकर 2002 तक बैंक के एमडी रहे और इसी समय दौरान उन्होंने पद पर रहते हुए कई गोलमाल किए और लोगों को नौकरी दिलवाने के लिए लाखों रुपए की रिश्वत ली। छीना के खिलाफ शिकायतें मिलने पर विजिलेंस ब्यूरो ने जांच शुरू की थी और थाना कोतवाली में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
इन सेक्शनों के तहत हुई सजा
भ्रष्टाचार के दोषों तहत अंडर सेक्शन 7 में 4 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना, अंडर सेक्शन 13 (2) पीसी एक्ट के तहत 5 साल की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माना, केस नंबर 25 में भ्रष्टाचार के दोष में 10 हजार रुपए जुर्माना और 4 साल की कैद, धोखाधड़ी के आरोप में 4 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
45 से अधिक हुई गवाहियां
वर्ष 2002 से चले इस केस में 45 से अधिक गवाहियां हुई हैं। इनमें से 15 लोगों ने अपने एफीडेविट देकर कहा था कि उन्होंने बैंक में नौकरी लेने के लिए छीना को रिश्वत के तौर पर लाखों रुपए दिए थे। छीना की ओर से कुल 13.25 लाख रुपए रिश्वत लेने की बात साबित हुई है।
कार में बैठा ले गई पुलिस
छीना को सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें बख्शीखाने भेजा गया। जहां पर कुछ दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए जाने थे। पुलिस पहले उसे बख्शीखाने ले गई, लेकिन वहां पर बनती औपचारिकताएं पूरी किए बगैर ही चुपके से पिछले दरवाजे से निकाल कर लग्जरी गाड़ी में बैठाकर जेल ले गई। ऐसा इसलिए किया गया ताकि कोई भी मीडिया वाला फोटो न खींच सके।
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