अमृतसर. श्रीनगर में आर्मी कुछ खास नहीं कर पा रही है। सेना के हेलीकॉप्टर भी सिर्फ वीआईपीज को ही लिफ्ट कर रहे हैं। इतना ही नहीं वहां फेंके जा रहे चिप्स और पैक्ड फूड एक्सपायर्ड हैं। इस कारण वहां के लोगों में गुस्सा है और यही कारण है कि स्थानीय लोग सेना के हेलिकॉप्टर्स पर पत्थर भी मार रहे हैं। यह कहना है अमरजीत सिंह का, जो अपनी पत्नी रमनदीप कौर के साथ श्रीनगर से स्पाइस जेट की फ्लाइट में बैठ अमृतसर पहुंचे।
अमरजीत सिंह ने बताया कि वहां के हालात बहुत ही खराब हैं। वह श्रीनगर के राज बाग में रहते हैं और वह वहां का सबसे पॉश एरिया है। घर के आसपास सभी घर पानी में डूब चुके हैं। घरों के आसपास अधिकतर लोग वीआईपीज हैं।
सेना के हेलीकॉप्टर सिर्फ वीआईपीज के घरों के ऊपर जाकर उन्हें ही लिफ्ट कर रहे हैं। वह 80 साल के हैं और हेलीकॉप्टर उनके घर के पास से निकल गए, लेकिन उन्हें और उनकी पत्नी को उन्होंने लिफ्ट नहीं किया। वहां की लोकल संस्थाएं और अमृतसर से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जितना काम स्थानीय लोगों के लिए किया है, उतना वहां की सरकार भी नहीं कर पाई है। लोग खाने और दवाइयों के लिए तरस रहे हैं। उनका सबकुछ पानी में डूब चुका है। वह तो सोचने में असमर्थ हैं कि आगे की जिंदगी क्या हाेगी।
अपने मददगार खुद लोग
अार्मी जो बोल रही है, वह सब धोखा है। आम आदमी की वहां कोई मदद नहीं हो रही। यह कहना है डॉ. मोहम्मद इसराद का जो यूपी से पिछले माह श्रीनगर घूमने गए थे। उन्होंने बताया कि वहां लोग खुद अपनी मदद कर रहे हैं और जो सहायता आम लोगों को मिल रही है वे वहां की संस्थाएं कर रही हैं।