अमृतसर. श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी से संबंधित ऐतिहासिक गुरुद्वारा विवेकसर साहिब की कारसेवा रविवार को सिखी रीति-रिवाज के साथ शुरू हुई। गुरुद्वारा बिबेकसर साहिब बिबेकसर सरोवर के किनारे पर स्थित है। इस सरोवर को 1628 में छठे सिखों गुरू, गुरू हरगोबिंद जी ने बनवाया था। वहीं इस
खूबसूरत गुरुद्वारे का निर्माण महाराजा रणजीत सिंह ने उस स्थान पर करवाया था।
14 दिसंबर को शुरू हुई कारसेवा
14 दिसंबर को विवेकसर साहिब की कारसेवा शुरू हुई। इसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने सफाई की। यह सेवा एसजीपीसी की मदद से बाबा
कश्मीर सिंह जी भूरी वाले करवा रहे हैं। सेवा शुरू होने से पहले गुरमत समागम हुआ, जिसमें दरबार साहिब के भाई शौकीन सिंह, भाई सतिंदरबीर सिंह और भाई जगजीत सिंह के जत्थे और सुपरीत कौर के रागी जत्थे ने इलाही बाणी का कीर्तन किया।
सरोवर का निर्माण 1628 में हुआ
ऐतिहासिक विवेकसर साहिब गुरुद्वारा के पवित्र सरोवर का निर्माण 1628 ईसवीं में हुआ था। श्री हरिमंदिर साहिब के दक्षिण पूर्व में स्थित इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे का निर्माण शेर-ए-पंजाब महाराजा रंजीत सिंह ने किया था। छठे गुरु श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब शिकार खेलकर जब वापस आते थे तो इस एकांत स्थान पर कुछ देर आराम फरमाते थे। श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब इसी स्थान पर बाबा बुड्ढा साहिब व अन्य सिखों के साथ ज्ञान चर्चा किया करते थे। यहां एक करीर का पेड़ है। जिसके साथ गुरु जी अपना घोड़ा बांधा करते थे। यह वृक्ष आज भी सुशोभित है। इस गुरुद्वारे की महानता है कि इसके दर्शन स्नान कर मनुष्य को विवेक ज्ञान की प्राप्ति होती है। श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी का अवतार दिवस इस गुरुद्वारा साहिब में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
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