अमृतसर. डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल से शुक्रवार को जब एक पत्रकार ने पूछा कि भाजपा की पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने कहा है कि
कबड्डी कप के उद्घाटन समारोह में डांसरों पर करोड़ों खर्च करने वाली सरकार के पास शहीदों को देने के लिए कुछ नहीं है तो सुखबीर ने उलटा सवाल िकया, "क्या प्रो. चावला भाजपा में हैं?' इस पर प्रदेश भाजपा प्रधान कमल शर्मा का कहना है कि प्रो. चावला ने सही बात उठाई है। डिप्टी सीएम ने ठीक नहीं किया। वहीं, प्रो. चावला ने कहा, "किसी भी व्यक्ति के बोलने का जो स्तर होता है, वह वैसा ही बोलता है।'
श्री दरबार साहिब के दर्शनों के लिए आए डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल से जब एक पत्रकार ने पूछा कि भाजपा की पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने पिछले दिनों कहा है कि कबड्डी कप के उदघाटन के समय कलाकारों के नाच गाने पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन देश पर मर मिटने वाले शहीदों को देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं, के जवाब में सुखबीर बादल ने उलटा पत्रकार से ही सवाल कर डाला कि क्या प्रो. चावला भाजपा में हैं।
डिप्टी सीएम के इस सवाल पर प्रदेश भाजपा प्रधान कमल शर्मा ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को यहां शहीद हरबंस लाल खन्ना स्मारक में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाए जाने को लेकर शर्मा एक प्रैस कांफ्रेंस कर रहे थे।
प्रदेश प्रधान ने कहा कि प्रो. चावला हमारी सीनियर लीडर हैं और उन्होंने लंबा समय पार्टी के लिए संघर्ष किया है। प्रो. चावला ने जो बात उठाई है वह ठीक है। डिप्टी सीएम ने प्रो. चावला के लिए जो भाषा प्रयोग की है, उन्हें वह अच्छी नहीं लगी। एक सवाल के जवाब में प्रदेश प्रधान ने कहा कि सीएम निवास के बाहर आज जिस महिला ने आत्महत्या की है, यह दुखदायक बात है। इस बात की जांच होनी चाहिए कि किन हालातों में उक्त महिला ने इतना बड़ा कदम उठाया। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन में कोई मसला नहीं है और दोनों पार्टियां मिलकर चल रही हैं। वल्ला में दवाइयां की दुकान चलाने वाले हरिंदर सिंह की कुछ लोगों की ओर से पिटाई करने के बारे में पूछने पर शर्मा ने कहा कि हरिंदर सिंह की पत्नी को इस मामले में इंसाफ मिलना चाहिए।
व्यक्ति के बोलने का जो स्तर होगा, वह वैसा ही बोलेगा : प्रो. चावला
डिप्टी सीएम की ओर से कहे गए शब्दों के जवाब में प्रो. चावला ने कहा कि प्रदेश प्रधान ने इस मामले में जो प्रतिक्रिया जताई है, वह सही है। बाकी किसी भी व्यक्ति के बोलने का जो स्तर होता है वह वैसा ही बोलता है।