(संगत दर्शन में आए शिकायतकर्ता राज दीप सिंह)
अमृतसर। लोगों की शहर संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए कुछ महीने पहले नगर निगम की ओर शुरू किए गए संगत दर्शन का रंग फीका पड़ता जा रहा है। मंगलवार निगम के एडिशनल कमिश्नर जसबीर सिंह शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के हल के लिए ठीक 10 बजे निगम आफिस पहुंच गए। जिस कमरे में शिकायतें सुनी जा रही थीं वहां अलग अलग विभागों के nnकरीब एक दर्जन अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे लेकिन चार घंटे तक चले इस संगत दर्शन में सिर्फ 19 लोग ही अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इनमें 2 शिकायतें डेथ एंड बर्थ डिपार्टमेंट, 8 एमटीपी, 1 एस्टेट आफिस, 1 कैटल पाउंड , 3 हेल्थ और 4 ओ एंड एम से संबंधित थीं।
इनमें से भी शिकायत करने वालों को कोरा आश्वासन ही मिला लिहाजा निराशा उनके चेहरे से साफ झलक रही थी। शहर के चौक बाबा भौड़ी वाला की गली मसीत वाली की रहने वाली परमजीत कौर पिछले करीब 6 महीने से नगर निगम के चक्कर काट रहीं है। शिक्षा विभाग से रिटायर परमजीत ने बताया कि उसका तरनतारन रोड पर प्लाट है जिसकी एनओसी के लिए उसने 12.50 प्रतिशत के हिसाब से फीस के पैसे जमा करवाए थे, बाद में सरकार ने फीस 5 फीसदी कर दी।
उसी के रिफंड के लिए वह कई महीनों से चक्कर काट रही है। वह चाहे जून जुलाई की तपती गर्मी हो या अगस्त सितंबर के उमस भरे दिन, परमजीत इस उम्मीद से निगम की चौखट पर लगातार दस्तक देती रही कि उसके पैसे वापिस मिल जाएंगे लेकिन मंगलवार संगत दर्शन में भी उसे फिर आने के लिए कह दिया गया।
तहसील पुरा के रहने वाले राजदीप सिंह संगत दर्शन में इसलिए आए कि पिछले 15 दिनों से चल रहा उनका मसला हल हो जाएगा लेकिन निराशा ही हाथ लगी। राजदीप का कहना था कि उनकी गली की जगह पर कोई व्यक्ति कब्जा करना चाहता है। पिछले 15 दिनों से वह निगम के सभी छोटे से बड़े अधिकारी को मिल चुके है लेकिन कोई हल नहीं निकला। आज संगत दर्शन में काम होने की उम्मीद से आए थे लेकिन यहां से भी निराशा ही हाथ लगी है।
"भजिन शिकायतों का हल उसी समय हो सकता है वह तुरंत कर दी जाती हैं। जिन पर समय लगना होता है उसके बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए जाते हैं।
-जसबीर सिंह, एडिशनल कमिश्नर, नगर निगम