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कभी फायर ब्रीथिंग से भगाए जाते थे दुश्मन, हवा में बनता है आग का गोला

6 वर्ष पहले
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अमृतसर. आज भी मार्शल आर्ट का दबदबा है। इसी का एक हिस्सा है फायर ब्रीथिंग, जिसमें करतब दिखाने वाले पेट्रोल मुंह में भर कर पिचकारी मारते हैं और तीली से उसमें आग लगा देते हैं। हवा में फैलने वाला आग का बवंडर रोमांचक होता है। ये करतब अक्सर धार्मिक तथा सांस्कृतिक आयोजनों का अहम हिस्सा होते हैं। अमृतसर में ऐसे ही एक धार्मिक आयोजन में युवक ने 12 से 15 फीट लंबी फायर फ्लेम निकाल कर लोगों को हैरान कर दिया।
माना जाता है कि यह कला मध्ययुगीन है। उस दौर में मनोरंजन के साधन नहीं हुआ करते थे। बाजीगर, तमाशाई ऐसे करतब दिखा कर लोगों का मन बहलाया करते थे। 16वीं सदी तक आते-आते इसे सर्कस में जगह मिली। हालांकि कुछ लोग इसे वैदिक कालीन मानते हैं। क्योंकि उस दौर में लड़ी जाने वाली लड़ाइयों में दुश्मन को भगाने के लिए इस कला का इस्तेमाल होता रहा है।
रिकाॅर्ड : यह कला आज भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मशहूर है। और इसे स्टंट के रूप में भी जाना जाता है। जनवरी 2012 में यूएसए के एंटोनियो रेस्टीवो ने मुंह से 26 फीट पांच इंच लंबी फायर फ्लेम निकालकर विश्व रिकाॅर्ड बनाया था। ऐसे ही स्वीडन के फैड्रिक कार्लसन ने नवंबर 1911 में 9.968 सेकंड तक फायर फ्लेम निकाल कर इतिहास रचा था।
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