अमृतसर. गुरु नगरी से पठानकोट का सफर जल्द ही आसान होने वाला है। इस १क्२ किलोमीटर लंबे हाई-वे को फोरलेन करने का काम जारी है, जिसके आगामी आठ माह में पूरे होने की उम्मीद है। इसके बाद इस सफर को तय करने में लोगों को सवा तीन घंटे की जगह मात्र सवा दो घंटे का समय लगेगा।
हालांकि इसे पूरा करने की समयसीमा जून 2013 तय की गई थी, लेकिन कुछ अड़चनों के कारण ये पूरा नहीं हो सका है। आईआरबी लिमिटेड कंपनी ने 750 करोड़ रुपए में इसका ठेका लेने के बाद जनवरी 2011 में काम शुरू किया था।
निर्धारित शर्तो के अनुसार कंपनी को काम जून 2013 तक खत्म करना था। अब प्रोजेक्ट के दिसंबर अंत में खत्म
होने की संभावना जताई जा रही है। नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के मुताबिक 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अभी कई स्थानों पर पुलों का निर्माण होना है। इसलिए कंपनी को अवगत करवा दिया है कि देरी का नुकसान उसे ही उठाना होगा।
पांच फ्लाइओवर बनेंगे
अमृतसर से पठानकोट फोरलेन के बीच पांच फ्लाईओवर बनाए जाने हैं। पहला वेरका बाइपास, दूसरा बटाला बाइपास, गुरदासपुर में दो तथा एक फ्लाईओवर सरना में बनाया जाना है। निर्माण पूरा होने पर अमृतसर-पठानकोट का सफर भी महंगा हो जाएगा। बीओटी (बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के आधार पर बनाए जा रहे इस फोरलेन में दो टोल प्लाजा बनाए जाने हैं। एक टोल कत्थूनंगल के पास और दूसरा पठानकोट से 16 किलोमीटर पहले दीनानगर के आसपास बनाया जाना है।
फिलहाल खुदाई से परेशानी
हाई-वे निर्माण के लिए जगह-जगह की गई खुदाई और रोड डाइवर्ट होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर सप्ताह अपने कारोबार के सिलसिले में पठानकोट से अमृतसर जाने वाले कारोबारी मोनू वढेरा का कहना है कि खराब सड़क के कारण गाड़ी चलाना कठिन हो गया है। हर समय हादसे का डर रहता है।
अब यह सोचकर समय व्यतीत कर रहे हैं कि आखिर कभी तो रास्ता सुगम होगा। पठानकोट से लौटकर डा. रमन गुप्ता कहते हैं कि खराब सड़क के कारण 102 किलोमीटर का रास्ता तय करने में उन्हें चार घंटे का समय लग गया। लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण को जल्द पूरा करवाया जाना चाहिए।
ठेकेदार को जुर्माना लगाया जाएगा
-विप्नेश शर्मा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर
सवाल : क्या अमृतसर-पठानकोट फोरलेन का काम निर्धारित समय जून 2013 तक पूरा हो पाएगा?
जवाब : अगर नहीं हुआ तो इसका नुकसान कंपनी को ही है, क्योंकि बीओटी की शर्तो के अनुसार निर्धारित तिथि के बाद कंपनी को जितना समय चलाने के लिए दिया गया है, यह समयावधि उसमें से कम हो जाएगी।
सवाल : खुदाई के कारण सड़कों में बने गड्ढों की वजह से जनता परेशान हो रही है, आप क्या कर रहे हैं?
जवाब: ठेकेदार को साथ-साथ गड्ढे भरने को कहा है। ऐसा न करने पर उसे जुर्माना लगाया जा सकता है।
काम में तेजी लानी होगी
काम में तेजी न लाई गई तो काम आठ माह में भी खत्म नहीं होगा। इससे यात्रियों की परेशानी बनी रहेगी।