अमृतसर. कचहरी परिसर स्थित तहसील-2 में बुधवार को रजिस्ट्री करवाने आए लोग सुबह से ही नायब तहसीलदार अरविंद सलवान के आने का इंतजार करते रहे। लोग प्रशासन की कार्यशैली को कोसते नजर आए। उनका कहना था कि सरकारी दफ्तरों के कामकाज में सुधार नहीं हो सकता। एनओसी बंद होने के कारण रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों में भारी कमी है और जो चंद लोग आते हैं उन्हें भी धक्कों के सिवाय कुछ हासिल नहीं होता। इस दौरान दो बुजुर्ग महिलाएं भी थी, जिनमें से एक व्हील चेयर पर बैठी हुई थी और दूसरी बीमार थी, जिसे पेशाब की नाली और यूरिन बैग लगा हुआ था।
सुबह 10 बजे से आए हैं
तहसील-2 में आए अवतार सिंह, दिलबाग सिंह, दलबीर सिंह, चरनदास चावला और परमिंदर सिंह का कहना था कि सरकारी दफ्तरों में काम करवाने के लिए आने वाली आम जनता को परेशान होना पड़ता है, जबकि कर्मचारियों और अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वे सुबह दस बजे से आए हुए हैं और न तो कोई कर्मचारी ही काउंटरों पर फीस लेने के लिए बैठा है और न ही नायब तहसीलदार अपनी सीट पर बैठे हैं।
लोगों ने कहा कि प्रशासन ने सख्ती से आदेश दिए हैं कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अपनी डयूटी के प्रति लापरवाही न बरते और सुबह 9 से 5 बजे तक अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी से निभाएं। अगर किसी अधिकारी की ड्यूटी किसी अन्य काम में लगाई जाती है तो उसकी जगह दूसरा अधिकारी दफ्तर में जरूर बैठे, ताकि लोग परेशान न हों।
ध्यान रखेंगे लोग परेशान न हों
वहीं, नायब तहसीलदार अरविंद सलवान ने कहा कि तरनतारन की कोर्ट में उनकी गवाही थी, इसलिए वहां गए थे। हालांकि वहां से लौटकर उन्होंने कुछ रजिस्ट्रयां निपटाईं हैं। आगे से ध्यान रखेंगे कि लोगों को परेशानी न आए।
केस में गवाही देने के लिए कोर्ट गए थे : तहसीलदार
"कोर्ट में एक केस के सिलसिले में गवाही देने और एक जगह पर कब्जा दिलाने के लिए गए हुए थे। इसके अलावा नायब तहसीलदार भी किसी केस में गवाही देने के लिए तरनतारन गए हुए थे। जिस कारण लोगों को समस्या आई है।
-संजीव कुमार शर्मा, तहसीलदार-2
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