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राहुल के बयान के बाद सुखबीर ने कहा- 84 के दंगे में शामिल नेताओं के नाम बताएं राहुल

7 वर्ष पहले
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अमृतसर/चंडीगढ़. उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि कांग्रेस के कर्ताधर्ता राहुल गांधी ने मान लिया है कि 1984 के दंगों में कुछ कांग्रेसी नेता शामिल थे, उन्हें उन कांग्रेसियों के नाम उजागर कर गिरफ्तार करना चाहिए। साथ ही, इसी स्टेटमेंट के आधार पर कोर्ट को संज्ञान लेकर राहुल पर केस दर्ज करना चाहिए। शिरोमणि अकाली दल भी इस स्टेटमेंट को पूरी तरह से एक्जामिन करेगा, ताकि कांग्रेस पर केस दर्ज करवाया जा सके। वह सिटी बस के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह जान लेने के बाद कि दिल्ली के दंगों में कांग्रेसी शामिल थे, समूचे सिख समुदाय को कांग्रेस का बायकाट करना चाहिए। अपनी राजनीति चमकाने के लिए जो पंजाब में धरने दे रहे हैं, उन्हें दिल्ली में धरना देना चाहिए।

कानून अपना काम करे : जीके

डीएसजीएमसी प्रधान मनजीत सिंह जीके ने कहा कि राहुल गांधी ने माफी मांगने से इंकार किया है। हम भी यही चाहते हैं कि वह माफी न मांगें बल्कि कानून को अपना काम करने दें। बुधवार को डीएसजीएमसी इस मामले में अहम खुलासे करेगी।
माफी मांगे कांग्रेस : कमल

भाजपा के प्रदेश प्रधान कमल शर्मा ने कहा कि अब जबकि राहुल गांधी ने मान लिया है कि 1984 के दंगों में कांग्रेसी शामिल थे तो कांग्रेस को बिना विलंब देश से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

माफी न मांगने का बयान हैरान करने वाला

वह हैरान हैं कि राहुल द्वारा यह मानना कि इन दंगों में कुछ कांग्रेसी शामिल थे, लेकिन साथ ही यह कहना कि वह इन दंगों के लिए माफी नहीं मांगेंगे। सुखबीर ने कहा कि वह तो बरसों से चिल्ला रहे हैं कि 1984 के दंगे कांग्रेस की देन है, इनमें हजारों निर्दोष सिखों को कत्ल कर दिया गया। गुजरात के दंगों और दिल्ली के दंगों में जमीन आसमान का फर्क है। गुजरात के दंगों में कोर्ट ने जांच के बाद क्लीन चिट दी, लेकिन यहां पर तो सरकार ही मान रही है कि दिल्ली के दंगों में कांग्रेसी शामिल थे। राहुल के पिता राजीव गांधी का यह कहना कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती कांपती है, (राजीव का यह बयान इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों के बीच आया था) इसी कारण देश में कई बेगुनाह सिख महिलाओं, बच्चों, नवयुवकों और बुजुर्गों का कत्ल कर दिया गया।

सिखों के प्रति सामने आई सोच

राहुल के बयान को पंथक नेताओं ने हास्यास्पद करार दिया है। इनका कहना है कि इससे कांग्रेस की सिखों के प्रति घटिया सोच खुल कर सामने आ गई है। एसजीपीसी प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ का कहना है कि 29 साल बाद राहुल ने कांड में शामिल होने के बात तो स्वीकारी मगर माफी मांगने से इनकार करके सिखों के प्रति सोच को जाहिर कर दिया है।