अमृतसर. डिप्टी कमिश्नर रवि भगत के पास शरीफपुरा के रहने वाले दंपति के खिलाफ ब्याज पर ली राशि लौटाने के बावजूद लोगों से लिए ब्लैंक चेक में मनमर्जी की राशि भर कर बाउंस करवाने के मामले की शिकायत पहुंची है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाए की आरोपियों ने ब्याज पर रकम देने से पहले उनसे ब्लैंक चेक और कागजों पर साइन करवाए थे, जो कि रकम लौटाने के बावजूद उन्हें वापस नहीं किए गए। अब दंपति ने 38 के करीब लोगों के खिलाफ करीब 1 करोड़ 20 लाख के चेक बाउंस के केस लगा दिए हैं। डीसी ने मामले की जांच डिप्टी कमिश्नर आफ पुलिस बिक्रम पाल भट्टी को सौंपी है।
मोहल्लों-सरकारी दफ्तरों में चल रहा अवैध धंधा
शहर में बड़े पैमाने पर गैरकानूनी ढंग से ब्याज पर रकम देने का धंधा चल रहा है। सरकारी दफ्तरों से लेकर मोहल्लों में 10 से लेकर 30 फीसदी प्रति माह ब्याज पर रकम देने के मामले सामने आ रहे हैं। जिसमें ब्याज पर रकम देते वक्त जमानत के तौर पर संबंधित जरूरतमंद से ब्लैंक चेकों और कागजातों पर साइन करवा लिया जाता है,कई बार जरूरतमंद का एटीएम कार्ड या बैंक पासबुक भी रख ली जाती है।
कुछ दिन पहले सिविल लाइन के इलाके में रहने वाले एक परिवार ने डीसी रवि भगत से इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगी थी। उनका आरोप था कि तीन साल पहले ब्याज पर ली गई 2 लाख की रकम में ब्याज के तौर पर मोटी रकम चुकाने के बावजूद उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। मामले की जांच एडीसीपी स्पेशल को सौंपी गई है। इसी तरह कुछ माह पहले एक सफाई मुलाजिम ने भी निगम कमिश्नर को शिकायत देकर कहा था कि वह पिछले कई सालों से ब्याज भर रहा है, और उसका सारा वेतन उसी में चला जाता है। ब्याज पर रकम देने से पहले उससे खाली चेकों पर साइन करवाए गए थे और बैंक पासबुक भी रख ली गई थी।
केस-1 : रकम चुकाने के बावजूद लगा दिया चेक
चौक लक्ष्मणसर निवासी राजेश्वर के मुताबिक उन्होंने उक्त दंपति से 20 हजार रुपए ब्याज पर लिए थे। इसमें वह 1 लाख से ज्यादा रुपए ब्याज सहित लौटा चुके हैं। उनसे 5 ब्लैंक चेक लिए गए थे, जिसमें से एक चेक पर 1 लाख रुपए की राशि भर कर बाउंस करवा दिया गया है। इस केस वह बरी हो गए है, लेकिन अब बाकी चार चेकों में रािश भर कर बैंक में लगाने की धमकी दी जा रही है।
केस-2 : 30 हजार का कर्ज, ब्लैंक चेक में भरे 3 लाख
लोहगढ़ निवासी सौरभ कुमार के मुताबिक उन्होंने 30 हजार रुपए घरेलू जरूरत के लिए ब्याज पर मांगे थे, आरोपियों ने एडवांस में ब्याज के तौर पर 6 हजार रुपए काट कर उन्हें 24 हजार रुपए दिए। सिक्योरिटी के तौर पर उनसे 2 ब्लैंक चेक लिए गए थे। सारी रकम वापस करने के बावजूद उनके साइन किए खाली चेक पर 3 लाख रुपए भर कर उसे बाउंस करवा दिया गया।
शिकायतकर्ताओं ने यह उठाए सवाल
डीसी रवि भगत के पास शिकायत लेकर पहुंचे मजीठा रोड निवासी विजय महाजन, चौरस्ती अटारी चौक निवासी सौरभ कुमार, चौक
- फरीद निवासी चांद शर्मा, चौक लक्ष्मणसर निवासी राजेश्वर गुप्ता, सावन नगर निवासी सुरिंदर कुमार और सुल्तानविंड रोड निवासी सुमित गुप्ता ने मामले में ये सवाल खड़े किए हैं।
- आरोपी के दो बैंक खातों में वर्ष 2014 तक की बैंक स्टेटमेंट के मुताबिक 4,736 रुपए और 5,992 रुपए बैलेंस था, जबकि उसके खातों में 1.20 करोड़ की रकम के चेक बाउंस शो हो रहे हैं।
- आरोपी ने पिछले 8 साल से निल इन्कम टैक्स रिटर्न भरी है, जबकि बाउंस हुए चेकों के मुताबिक इतनी राशि फाइनांस कैसे कर दी गई।