अमृतसर. बादल साहिब हमारे गांव चाटी-विंड में पंचायत के पास 35 किले (एकड़) जमीन खाली पड़ी है, इसमें से हम पहले ही डेढ़ एकड़ जमीन पुलिस थाना बनाने के लिए दे चुके हैं। यदि सरकार या एसजीपीसी इस जमीन पर कोई बड़ा एजुकेशन अदारा खोलने को तैयार हो जाती है तो हम गांव वाले इस जमीन को दान देने को तैयार हैं।
यह पेशकश चाटी-विंड गांव की पंचायत ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को की है। बादल ने कहा आपका स्वागत है, लेकिन हमें यहां पर आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट (आईआईएम) खोलने के लिए 150 से 200 एकड़ जमीन की जरूरत है। यदि इस इलाके के आसपास 150 एकड़ जमीन और मिलती है तो यहीं पर आईआईएम खोल दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने प्रशासन से पूरी तहकीकात करने को कहा है। इसके अलावा गांव के जागीर सिंह ने कहा कि शहर के 12 गेटों के नाम महाराजा रंजीत सिंह ने रखे थे, जिनमें से एक गेट चाटी-विंड भी था। अब इस गेट का नाम बदल कर रामगढिय़ा गेट रखा जा रहा है। जो इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने के समान है। इसलिए इसका नाम नहीं बदला जाए। बादल ने गांव गुरुवाली, बोहड़ू, बासरके, भकना और खुर्मानियां में संगत दर्शन के दौरान लाखों रुपए की ग्रांट गांव के विकास के लिए जारी की है।
बादल ने कहा कि गांवों में अधिक परेशानी गंदे पानी की निकासी है।
आबादी बढ़ने के साथ साथ पानी का इस्तेमाल बढ़ गया। गांवों में छप्पड़ों पर या तो कब्जे हो गए या फिर बंद कर दिए गए। लोगों ने खेतों में घर बना लिए और धीरे धीरे इसी तरफ आबादी बढ़ गई। अब इन रास्तों को पक्का किए जाने की मांग होने लगी। गांवों में स्पोर्टस क्लब बन गए, सभी वहां पर हैल्थ क्लब खोलना चाह रहे हैं। कुछ लोग धर्मशालाएं बनाने के पक्ष में हैं। इन सबके लिए ग्रांट जारी करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि संगत दर्शन अकाली भाजपा का अहम कार्यक्रम है। इसमें सरकार और अधिकारी खुद जनता के पास जाकर उनकी मुश्किलों को सुनते हैं और इन्हें हल करने के आदेश मौके पर ही जारी कर दिए जाते हैं। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह रणीके, सीएम के प्रिंसिपल सचिव अजोय शर्मा, डीआईजी एके मित्तल, डीसी रवि भगत, एसएसपी जसदीप सिंह, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन संदीप ऋषि, डीटीओ लवजीत कलसी, बार्डर जोन के चीफ इंजीनियर नरिंदर कुमार गांधी, एक्सीएन जसबीर सिंह सोढी, भाई राम सिंह, जत्थेदार मुखविंद्र सिहं खपराखेड़ी, हर दलबीर सिंह शाह, गुरविंदर सिंह लाली रणीके आदि मौजूद थे।