अमृतसर। शेर-ए-पंजाब की जीवन गाथा को दर्शाने के मकसद से कंपनी बाग में बनवाए गए महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा का एसी, लिफ्ट, पीने के पानी की मशीनें और कैमरे निगम की ‘मेहरबानी’ के कारण खराब पड़े हुए हैं। केंद्र सरकार ने इसे तैयार करवा कर इसके मेंटेनेंस का जिम्मा नगर निगम को सौंपा था, मगर उसकी अनदेखी के चलते यह हालात पैदा हो गए हैं।
साल 2006 में पांच करोड़ की लागत से नेशनल कौंसिल ऑफ साइंस, मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म एंड कल्चर ने तैयार करवाया और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई थी। तब से लेकर आज तक निगम ने इसके मेंटेनेंस पर एक पैसा भी नहीं खर्चा। पैनोरमा के चित्रों और बुतों को सही रखने के लिए एसी लगवाया गया था, जो दो साल पहले खराब हो गया। इसी तरह से यहां आने-जाने वालों की सुविधा के लिए दो पीने के पानी की मशीनें लगाई गई थीं, वह भी सालों से खराब पड़ी हैं। बुजुर्ग टूरिस्टों के लिए लगाई गई लिफ्ट तीन साल से खराब हैै। पैनोरमा की सुरक्षा के लिए लगे 14 कैमरे भी सालों से खराब हो चुके हैं।
कैमरों की खराबी के कारण ही यहां से महाराजा के 7 खंजर चोरी हो गए थे। इन खामियों के कारण यहां आने वाले दर्शकों की तादाद भी कम हो चुकी है। रोजाना यहां पर मात्र 150 से 200 लोग आते हैं, जिनसे बमुश्किल 1,000-1,200 रुपए रोजाना की कमाई हो पाती है, हालांकि शुरुआत में यह इन्कम चार गुना तक अधिक थी। एसी न होने से यहां का तापमान गर्मियों में तापमान 50 डिग्री तक पहुंच जाता है। पूरे देश में तीन पैनोरमा हैं।
इसमें
कोलकाता का महारानी विक्टोरिया मैमोरियल पैनोरमा, कुरुक्षेत्र का पैनोरमा और कंपनी बाग अमृतसर का यह पैनोरमा शामिल हैं।