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भ्रूण का पोस्टमार्टम करवाने के लिए भटक रही पुलिस

7 वर्ष पहले
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अमृतसर. 4 माह के भ्रूण को पहले कोई मां बेबे नानकी चाइल्ड केयर सेंटर के बाहर झाड़ियों में फेंक गई और फिर इसका पोस्टमार्टम करवाने के लिए पुलिस को कभी सिविल अस्पताल तो कभी जीएनडीएच में धक्के खाने पड़े। आखिर सिविल सर्जन डॉ. राजीव भल्ला के आदेशों के बाद भ्रूण को गुरु नानक देव अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है जो सोमवार को किया जाएगा।

इसे अस्पताल के पास कौन फेंक गया और अबॉर्शन कहां हुआ इसकी जानकारी किसी को नहीं है। लेकिन शक की सुई बेबे नानकी वार्ड के स्टाफ की ओर घूमती है। एएसआई दलजीत कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब इसे लेकर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस गए तो फोरेंसिक विभाग ने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया और सिविल अस्पताल भेज दिया। लेकिन सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम से मना कर दिया।

इसके बाद सिविल सर्जन से संपर्क किया गया। जिन्होंने भ्रूण को तुरंत गुरु नानक देव अस्पताल रैफर कर दिया। फोरेंसिक विभाग के मुखी डॉ. गुरमनजीत सिंह राय ने बताया कि यह भ्रूण अस्पताल में इलाज या उपचार के दौरान नहीं मरा, इसलिए इसे सिविल अस्पताल भेजा गया था।

सिविल सर्जन डॉ. राजीव भल्ला का कहना है कि भ्रूण की ऑटोप्सी होती है और यह सुविधा मेडिकल कॉलेज में ही है। जैसे ही केस उनके पास आया उन्हें इसे जीएनडीएच रैफर कर दिया।