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मुख्यमंत्री के बोलने से पहले चिल्लाने लगी महिला, मेरे साथ धोखा क्यों...

8 वर्ष पहले
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तरनतारन. श्रद्धांजलि समागम में मुख्यमंत्री संबोधन के लिए उठने ही वाले थे कि पंडाल में एक महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी। साडी वी सुनो, साडे नाल धोखा क्यों..? इस दौरान तुरंत हरकत में आए सुरक्षाकर्मी महिला को बाहर ले गए। पंडाल से बाहर आकर भी पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रही।
यह महिला 1971 की जंग के दौरान पाकिस्तानी सेना की ओर से गिरफ्तार किए गए गांव राजाताल निवासी जोगिंदर सिंह की बेटी हरजीत कौर थी। उसने बताया कि उनके पिता जोगिंदर सिंह को 1971 की जंग में पाक सैनिकों ने पकड़ लिया था। वह गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में 21 बटालियन बीएसएफ में तैनात थे।
दुश्मन से लोहा लेते हुए पाक सेना उन्हें पकड़ कर ले गई। उन्हें कुछ साल पहले पाकिस्तान की सरगोदा जेल से आए खत से उनके वहां बंद होने का पता चला। यहां से बाद में उन्हें कोट लखपत जेल भेज दिया गया। यहां से भी उन्होंने उसे खत लिखा था। अब कई साल से उनका खत आना भी बंद हो गया है।
वह अपने पिता की रिहाई के लिए पंजाब सरकार को कई बार गुहार लगा चुकी है, लेकिन कोई उनका दर्द सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरबजीत को शहीद घोषित करने का क्या फायदा, सरकार प्रयास करती तो उसे जिंदा भारत लाया जा सकता था। मुख्यमंत्री बादल अगर प्रयास करते तो शायद सरबजीत आज जिंदा होता।
मां और बहन हो चुकी हैं पागल
हरजीत ने बताया कि पिता के लापता होने के बाद से उनकी मां और बहन सदमे से पागल हो चुकी हैं। उनके दादा-दादी ने उन्हें घर से निकाल दिया है। उनके पास न तो रहने के लिए कोई जगह है और न ही जीवन यापन के लिए कोई साधन। आज फरियाद सुनाने का प्रयास किया तो उन्हें पंडाल से बाहर धकेल दिया गया। अब वह इंसाफ के लिए किससे गुहार लगाए। हर कोई उनसे दूर भाग रहा है।