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डाउनलोड करेंचंडीगढ़। विपक्ष के नेता सुनील कुमार जाखड़ ने पंजाब सरकार पर सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार को गलत एफिडेविट देकर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। इस झूठे एफिडेविट में सरकार ने दावा किया है कि सरकार ने पुलिस रिफाम्र्स के तहत राज्य में पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड, पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटीज और स्टेट सिक्योरिटी कमीशन की स्थापना कर दी है जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है और यह जानकारी न केवल खुद सरकार के गृह विभाग ने दी है बल्कि इन अथॉरिटीज को गठित करने के लिए उन्हें विपक्ष के नेता होने के नाते जानकारी नहीं दी गई है।
जाखड़ ने मुख्यमंत्री बादल और उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल जिनके पास गृह विभाग का प्रभार भी है से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। जाखड़ ने कहा, 5 मार्च 2013 को लोकसभा में जयंत चौधरी ने जब केंद्रीय गृह मंत्री से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों पर विभिन्न राज्यों में बनाए गए पुलिस रिफाम्र्स को किन राज्यों ने लागू कर दिया है के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने सभी उन राज्यों की जानकारी दी । इन राज्यों में पंजाब का नाम भी शामिल है।
इसी के तहत पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड, पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटीज और स्टेट सिक्योरिटी कमीशन स्थापित करने की बात कही गई है लेकिन वास्तव में पंजाब में ये तीनों संस्थाएं गठित नहीं की गई हैं। जाखड़ ने कहा, आरटीआई में ली गई जानकारी में बताया कि गृह विभाग ने जिला और स्टेट लेवल पर पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटीज का गठन नहीं किया है। साफ है कि सरकार ने केंद्र सरकार को झूठ बोला गया है।
सुप्रीम कोर्ट में प्रकाश बनाम केंद्र सरकार चले केस पर तीन कमेटियों ने पुलिस रिफाम्र्स के नियम तैयार किए थे जिसमें से किसी एक को लेकर राज्यों ने अपने लिए पुलिए एक्ट तैयार करने थे। तीनों में पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड, पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटीज और स्टेट सिक्योरिटी कमीशन की स्थापना की जानी है। पंजाब ने केंद्र और सुप्रीम
कोर्ट से झूठ बोला : जाखड़
पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड, कंप्लेंट अथॉरिटीज, स्टेट सिक्योरिटी कमीशन गठित नहीं किया पुलिस एस्टेब्लिशमेंट बोर्ड त्न डीएसपी से ऊपर के अधिकारियों की पोस्टिंग , ट्रांसफर और प्रमोशन आदि करना है। सरकार भी इसमें हस्तक्षेप
कर सकती है लेकिन बहुत खास मामले में। पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी त्नपुलिस वालों के खिलाफ आने वाली शिकायतों का काम पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी को करना है। जिला स्तर पर यह पूर्व सत्र न्यायाधीश के अधीन बननी हैं जबकि स्टेट लेवल पर यह हाईकोर्ट के जज के अधीन बननी हैं। स्टेट सिक्योरिटी कमीशन पुलिस अधिकारियों पर पडऩे वाले जनीतिक दबाव की शिकायतें इस आयोग के सामने रखने का प्रावधान है। लेकिन पंजाब में तीनों में से एक भी नहीं बनाया है। सुनील जाखड़ ने कहा, सरकार ने केंद्र और सुप्रीम कोर्ट को जो झूठा एफिडेविट दिया है वह उस मामले
में सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर करेंगे। इसके अलावा वह जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से भी मिलेंगे।
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