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सरबजीत की एक बेटी टीचर, दूसरी नायब तहसीलदार

8 वर्ष पहले
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तरनतारन. मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल ने शनिवार को सरबजीत सिंह के भोग और अंतिम अरदास के मौके पर परिवार को एक करोड़ रुपए की राहत राशि का चेक भेंट किया।
उन्होंने सरबजीत की बड़ी बेटी को नायब तहसीलदार और छोटी बेटी को टीचर की नौकरी देने की भी घोषणा की। बादल ने कहा कि शहीद के परिवार को कोई मुश्किल पेश आने नहीं देंगे। सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर, बहन दलबीर कौर, बेटी स्वप्नदीप और पूनम को क्रमश: 25-२५ लाख की राहत राशि दी गई है। बादल ने कहा कि स्वप्नदीप बीए पास है।
इसीलिए उसे नायब तहसीलदार की नौकरी दी गई है। पूनम की शिक्षा अभी कम है, इसलिए उसे टीचर की नौकरी दी गई है। दोनों को नौकरी के लिए आवेदन करने की आवश्यकता है। दोनों अपनी शिक्षा के आधार पर विधायक विरसा सिंह वल्टोहा और डीसी रजत अग्रवाल को फाइल सौंपे। उन्हें तुरंत नौकरी के आर्डर मिल जाएंगे। उधर, दलबीर कौर ने सीएम से गांव में सरबजीत के नाम पर 100 बैड का अस्पताल खोलने की मांग की। बादल ने उन्हें जल्द इस बारे में फैसला करने का विश्वास दिलाया है।