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पीएम और सोनिया थोड़ा-सा प्रयास करते तो सरबजीत जिंदा होता

8 वर्ष पहले
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तरनतारन. शहीद सरबजीत सिंह के श्रद्धांजलि समागम के दौरान उनकी बहन दलबीर कौर ने कहा कि उनका एक भाई देश के लिए कुर्बान हुआ है, अगर 5-6 सरबजीत भी होते तो वह उन्हें भी देश के लिए कुर्बान करने से न झिझकती।
वह एक भाई को तो बचा नहीं सकीं, लेकिन अगर मीडिया और देश की सरकार साथ दे तो पाक जेलों में कैद कोई भारतीय मरने नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि जेल में सरबजीत के नाखुन उखाड़ कर उसमें नमक भरा जाता था। करंट के झटके दिए जाते थे। सिगरेट से दागा जाता था। एक बार तो उसके जख्म में कीड़े तक पड़ गए थे। भाई का दर्द छुपाकर वह पूरी-पूरी रात रोती रहीं, लेकिन परिवार को बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं।
मुझे अपनों ने मारा गैरों में कहां दम था, मेरी किश्ती वहां डूबी, जहां पानी कम था। यह पंक्तियां बोलते हुए दलबीर कौर भावुक हो उठीं। उन्होंने केंद्र सरकार पर बरसते कहा कि पीएम डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी अगर थोड़ा-सा प्रयास करते तो उनका भाई जिंदा होता। केवल आश्वासन और दिलासों से कुछ नहीं होता।
वल्टोहा और राज कुमार को भाई बताया
दलबीर ने कहा कि वह आज तक किसी भी पार्टी में रही हों, सीएम बादल ने उनका हर समय साथ दिया है। बादल किसी संत से कम नहीं हैं। उनका दिल इतना नर्म है कि वह दिलासा देते हुए खुद भावुक हो जाते हैं। विधायक विरसा सिंह वल्टोहा और एससीएसटी कमीशन के राष्ट्रीय उप-चेयरमैन राजकुमार वेरका ने भाई की तरह उनका साथ दिया। उनका कर्ज वह कभी नहीं चुका सकतीं। इन दोनों भाइयों के लिए वह आवश्यकता पड़ने पर जान भी देने को तैयार हैं।
परिवार के हर दुख-सुख में साथ: बादल
शहीद सरबजीत सिंह के श्रद्धांजलि समारोह में सीएम परकाश सिंह बादल, पूर्व केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी, पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील जाखड़, कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों, कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया आदि ने भाग लिया।
बादल ने कहा कि सरबजीत देश का पहला ऐसा शहीद है, जिसने 23 साल पाकिस्तान की जेल में अंधकारमय काल कोठरी में जुल्म सहते हुए बिताए। अंत में वह देश के लिए शहीद हो गया। उसके परिवार ने उसकी रिहाई के लिए लंबा संघर्ष किया। वह परिवार के हर दुख-सुख में उनके साथ हैं।
अंबिका सोनी ने कहा कि सरबजीत की बहन और उसके परिवार की आवाज ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। आज हम एक सरबजीत तो खो चुके हैं, लेकिन पाक जेलों में बंद अन्य सरबजीतों को नहीं खो सकते। उनके लिए भी दलबीर कौर को आवाज बुलंद करनी चाहिए। सरकार उनके साथ है।
एससीएसटी कमीशन के राष्ट्रीय उप-चेयरमैन राज कुमार वेरका ने कहा कि आज पूरा देश सरबजीत को याद कर रो रहा है। प्रदेश भाजपा प्रधान कमल शर्मा ने कहा कि जब भी देश पर मुश्किल आई है, सबसे ज्यादा कुर्बानियां पंजाबियों ने ही दी हैं।