होशियारपुर. शंकराचार्य निश्चिलानंद सरस्वती ने कहा कि सीएनएन चैनल पर पीएम मोदी ने जिस तरह भारतीय मुस्लिमों को सच्चा देशभक्त बताया है इसमें बुराई जैसी कोई बात नहीं है। इतिहास गवाह है कि अरब देशों से ज्यादा मुस्लिम भारत में सुरक्षित जीवन बीता रहे हैं। जबकि हिंदुओं को तो पाकिस्तान में शव के अंतिम संस्कार तक के लिए जमीन नहीं दी जाती है। सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी का यह बयान राजनीतिक बेबसी के साथ साथ पूरे विश्व में उदारवादी नेता होने की राह पर आगे करेगा यह तय है।
'हिंदू-मुस्लिम को बांटकर नेता करते हैं राजनीति'
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण की राह में यदि कोई रोड़ा बना है तो वह देश के राजनीतिक दलों के नेता ही है। मंदिर निर्माण का मुद्दा आज भी यदि ये राजनेतागण धर्माचार्यों पर छोड़ दे तो दो दिनों के अंदर अंदर अयोध्या में भगवान श्रीराम जी के मंदिर बनने का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बाबा अमरनाथ हो या अयोध्या काशी, वहां पर सेवा करने वालों में हिंदुओं के साथ-साथ मुस्लिमों की संख्या काफी अधिक होती है।
क्योंकि इन मंदिरों में श्रद्घालुओं के पहुंचने से इनके भी व्यापार का इजाफा होता है। उन्होंने कहा कि रामलीला में रावण, मेघनाद व कुंभकरण के पुतले बनाने वाले अधिकतर कारीगर भी तो मुस्लिम वर्ग से ही होते हैं। जिनके अंदर धार्मिक सदभावना मजबूत होती है। ये तो राजनेता हैं जो हमें आपको हिंदु मुस्लिम में बांटकर राजनीतिक स्वार्थ पूरी करता है।
उदारता को दुर्बलता न समझे पाक
शंकराचार्य ने कहा, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो का "भारत से पूरा
कश्मीर हासिल करने' का बयान बचकाना बयान है। कहा, कश्मीर भारत वासियों के दिल में रहता है। कहा वे हमारी उदारता को दुर्बलता न समझे। हम मुंह तोड़ जवाब देने में समक्ष हैं।