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मेयर ने किया दावा-हड़ताल टूटी यूनियन नेता बोले-सुबह बताएंगे

8 वर्ष पहले
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अमृतसर. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को रद्द करवाने तथा अन्य मांगों को लेकर पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन के नेतृत्व में जारी राज्य स्तरीय हड़ताल बुधवार को आठवें दिन नाटकीय अंदाज में खत्म हो गई है। दिन भर हड़ताल और निगम कमिश्नर के साथ बैठक के लिए मान-मनौव्वल का सिलसिला चलता रहा, आखिर में देर शाम को जाकर जायज मांगों को लेकर इसे विराम लगा दिया गया। हालांकि मुलाजिम नेताओं का कहना है कि वह लोग अभी इस बाबत कुछ नहीं बताएंगे, जो होगा सुबह बताया जाएगा।

15 जनवरी से जारी इस विरोध में म्यूनिसिपल वर्कर्स यूनियन, नगर निगम सफाई मजदूर यूनियन बिट्टा ग्रुप, कर्मचारी तालमेल दल, सीवर मैन यूनियन, सेनेटरी सुपरवाइजर यूनियन, सीपीआई के नेतृत्व में हड़ताल जारी रही। दूसरी तरफ इनका एक ग्रुप भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में सफाई का काम करता रहा। आज भी बारिश के दौरान हड़ताल जारी रही और निगम वर्कशाप के बाहर सरकार का पुतला फूंका गया। इस दौरान मुलाजिम नेताओं ने वीरवार को हाउस की बैठक में खलल डालने का भी ऐलान किया था। इस दौरान कमिश्नर डीपीएस खरबंदा ने हड़तालियों के साथ अपने घर पर बाद दोपहर तीन बजे बैठक बुलाई थी मगर यह लोग नहीं गए।

इसके बाद मान-मनौव्वल का सिलसिला शुरू हुआ और शाम को बैठक में हिस्सा लेने के लिए मुलाजिम नेता सुरिंदर टोना, दविंदर राजा, विनोद बिट्टा आदि पहुंचे। घंटों चली इस बैठक के बाद हड़ताल को खत्म करने पर सहमति बनी। कमिश्नर ने बताया कि मुलाजिमों की जायज मांगों को मान लिया गया है और वह लोग सुबह से काम पर आएंगे। हालांकि इस संदर्भ में सुरिंदर टोना से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने इस तरह के किसी भी समझौते को सिरे से नकारा और कहा कि इस बाबत वह सुबह बताएंगे।

3 मंत्री-3 सीपीएस शहर से, फिर भी गंदगी से बुरा हाल : रिषी


अमृतसर त्न पिछले 7 दिनों से नगर निगम सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल से कूड़े में परिवर्तित हुए शहर की सफाई करने के लिए अपने साथियों सहित पार्षद गुरिंदर रिषी ने बुधवार को भारी बारिश में भी शहर के अलग-अलग स्थानों पर सफाई अभियान चलाया। उनके द्वारा शहर के कटड़ा जैमल, गुर के महल, गुरुद्वारा टाहली साहिब, लाला वाला मंदिर, हाल बाजार मस्जिद सहित विभिन्न स्थानों से कूड़ा उठाया गया। हालांकि इस दौरान भारी बारिश हो रही थी। इसके बाद रिषी ट्राली में कूड़ा भरकर नगर निगम मेयर और कमिश्नर के कार्यालय के समक्ष इसे फंेकने पहुंचे, जहां पहले से उपस्थित भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने कहा कि अमृतसर शहर धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल होने के कारण विश्व में अपनी पहचान रखता है, लेकिन निगम की लापरवाही के कारण शहर कूड़े से भरा पड़ा है। जिले में 3 कैबिनेट मंत्री और 3 सीपीएस होने के बावजूद शहर का बुरा हाल है। लोगों को अपने हकों के लिए अब घर से निकलना होगा और मंत्रियों, सीपीएस और प्रशासनिक अधिकारियों से जबाव मांगना होगा कि शहर की ऐसी दशा क्यों नहीं सुधर रही?

कमिश्नर ने कूड़ा उठवाने का भरोसा दे छुड़ाई जान

नगर निगम कमिश्नर डीपीएस खरबंदा ने रिषी को फोन पर आश्वासन दिया कि वह दिल्ली से अमृतसर इसी समस्या का हल निकालने के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल ही शहर की सफाई का काम शुरू हो जाएगा।
रिषी ने दिया 25 जनवरी तक का समय रिषी ने कहा कि उन्होंने निगम को 25 जनवरी तक का समय दिया है। अगर सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो 26 जनवरी को कमिश्नर और मेयर के कार्यालयों के सामने ही डंप बना देंगे।