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तीन डॉक्टरों को नोटिस: रटौल को पीजीआई रैफर न करने पर अदालत ने जारी किए

7 वर्ष पहले
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अमृतसर। पार्षद प्रभजीत रटौल का मेडिकल पीजीआई से करवाने के मामले में अदालत ने मंगलवार मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुजाता शर्मा, डॉ. आदर्श कुमार और डॉ. अवतार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
उन्हें अपना पक्ष 12 दिसंबर तक कोर्ट में पेश करना होगा। मंगलवार को हुई कार्रवाई में डॉ. पिशोरा सिंह को कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया। कोर्ट में डाॅ. पिशोरा सिंह से पूछा गया कि अगर कमेटी रटौल को चंडीगढ़ पीजीआई रैफर करना चाहती है तो उन्होंने अभी तक उसे रैफर क्यों नहीं किया।

जिस पर डॉ. पिशोरा ने कहा कि रैफर करने की अथॉरिटी उनके पास नहीं है। डाॅ. आदर्श और डॉ. अवतार ने उन्हें रैफर करने के आर्डर करने हैं। इसके बाद कोर्ट ने एमएस, डॉ. आदर्श और डॉ. अवतार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। 12 दिसंबर के दिन रटौल को पीजीआई रैफर क्यों नहीं किया गया के बारे में तीनों डॉक्टरों से बात की जाएगी।

पेशी के टाइम से पहले कोर्ट न लाए जाएं आरोपी

सेशन जज ने मंगलवार सुरक्षा कर्मियों को इस मामले के आरोपियों को पेशी के समय से पहले कोर्ट परिसर में न लाने की हिदायत दे दी है। जानकारी के अनुसार आरोपियों के कुछ करीबियों ने एडवोकेट विनीत महाजन को कोर्ट परिसर में धमकियां दी। जिसके बाद वकीलों ने सेशन जज को एप्लीकेशन लिख मांग की है कि समय से पहले कोर्ट परिसर में आने पर आरोपियों के परिवार वाले उनके पास एकत्रित हो जाते हैं।
मंगलवार आरोपियों के कुछ करीबियों ने उन्हें धमकियां भी दी। जिनसे एडवोकेट विनीत और वकीलों को खतरा है। इस एप्लीकेशन को मानने के बाद सेशन जज ने सुरक्षा कर्मियों को समय से पहले आरोपियों को परिसर में न लाने के आदेश दे दिए हैं।
10 मई'14 को हुआ था विनीत महाजन पर हमला
एडवोकेट विनीत महाजन और उसके भाई अवनीश महाजन पर 10 मई 2014 को हमला हुआ था। इसमें भाजपा पार्षद प्रभजोत रटौल व अन्य पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने एडवोकेट विनीत महाजन के बयानों पर अशोक कुमार कोचा, राजकुमार राजू, पार्षद प्रभजोत रटौल सहित करीब 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
31 मई 2014 को पार्षद रटौल को दुबुर्जी टी प्वाइंट से गिरफ्तार किया था। रटौल को चार माह पहले जेल से गुरु नानक देव अस्पताल शिफ्ट किया गया था। इसके बाद एडवोकेट विनीत महाजन ने कोर्ट में एप्लीकेशन दायर कर रटौल की जांच पीजीआई से करवाने की मांग की थी।
(फोटो- प्रभजीत रटौल।)